अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Enjoy Every Movement of life!
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Tu v taan sheeshe di tarah bewafa nikaleya
jo sahmne aayea ohda hi ho gya
ਤੂੰ ਵੀ ਤਾਂ ਸ਼ੀਸ਼ੇ ਦੀ ਤਰਾਂ ਬੇਵਫਾ ਨਿਕਲਿਆ
ਜੋ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਉਹਦਾ ਹੀ ਹੋ ਗਿਆ
Likhti to pehle bhi thi mein
Magar dil jab se toota hai mashoor ho gyi hu ✍️
लिखती तो पहले भी थी मैं,
मगर दिल जब से टूटा है मशहूर हो गई हू✍️