अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Enjoy Every Movement of life!
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Manzil se aage bdhkr manzil talash kr
Mile tujhko dariya to samandar talash kar🙌
मन्ज़िल से आगे बढ़कर मन्ज़िल तलाश कर
मिले तुझको दरिया तो समंदर तलाश कर 🙌
K tu jide layi menu chhaddeya ovi kade tenu chhadduga
Aw duniya matlabi hai jnaab ethe har koi matlab kadduga🙏