अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Enjoy Every Movement of life!
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो

Seher mai andhera hai…
Mera ghar toh roshan hai magar…
Yeh waqt nahi kuch khas hai…
Par khush hun tu jo mere paas hai..🥰
शहर में अंधेरा है
मेरा घर तो रोशन है मगर
ये वक़्त नही कुछ खास है
पर खुश हूं तू जो मेरे पास है..🥰