अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Enjoy Every Movement of life!
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Bechain haa me eh soch-soch ke
jaan taa ohdi v sukdi hou
meriyaa yaada de panne fol ke…
ਬੇਚੈਨ ਹਾਂ ਮੈਂ ਇਹ ਸੋਚ-ਸੋਚ ਕੇ,
ਜਾਨ ਤਾਂ ਓਹਦੀ ਵੀ ਸੁੱਕਦੀ ਹੋਊ
ਮੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਦੇ ਪੰਨੇ ਫੋਲ ਕੇ…….❤
#Aman
