अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Enjoy Every Movement of life!
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Tere kol mere jehe beshakk lakhan honge
Par mere kol tere jeha tu hi e..!!
ਤੇਰੇ ਕੋਲ ਮੇਰੇ ਜਿਹੇ ਬੇਸ਼ੱਕ ਲੱਖਾਂ ਹੋਣਗੇ
ਪਰ ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਤੇਰੇ ਜਿਹਾ ਬਸ ਤੂੰ ਹੀ ਏ..!!
