अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Enjoy Every Movement of life!
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो

wajha nafrat lai labhi di dila
mohobat te hundi hi bewajha
ਵਜ੍ਹਾ ਨਫਰਤ ਲਈ ਲੱਭੀ ਦੀ ਦਿਲਾਂ,
ਮਹੁੱਬਤ ਤੇ ਹੁੰਦੀ ਹੀ ਬੇਵਜ੍ਹਾ ❤️