अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Enjoy Every Movement of life!
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Marn di dhamki de ke,
Manaun da tareeka kitho sikheya c ?
ਮਰਨ ਦੀ ਧਮਕੀ ਦੇ ਕੇ,
ਮਨਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਕਿੱਥੋਂ ਸਿੱਖਿਆ ਸੀ?
ये मोहब्बत संभाल कर रखना!
ना कि नफरत संभाल कर रखना!
भूल जाना नही कभी मुझे जाकर!
मेरी आदत संभाल कर रखना!!
हर्ष ✍️