अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
kaash kabhi aisa ho
ke rone pe wo muskuraaye
me rahu na rahu
wo zindagi chhod ke na jaye
ਕਾਸ਼ ਕਭੀ ਐਸਾ ਹੋ
ਕਿ ਰੋਨੇ🥺 ਪੇ ਵੋ ਮੁਸਕੁਰਾਏ😊
ਮੈਂ ਰਹੂੰ ਨਾ ਰਹੂੰ
ਵੋ ਜਿੰਦਗੀ❤ ਛੋਡ ਕੇ ਨਾ ਜਾਏ💔