अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Enjoy Every Movement of life!
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Gam ch kise nu hasayea nai janda
samandraan cho pani hatheyaa nai janda
bann vaale apne ban jande
jabardasti kise nu apna banayea nai janda
Sab samaj gaye c eh nain
k kade kise wafa ne meri zindagi ch nai auna
jad bin jubani tere naina ne bewafai sunai c