अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Enjoy Every Movement of life!
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Chupke se uski tasveer sirhane mein rakhkar so jata hu mein,
Aur vo mere khwabon mein aa jaya karta hai… 🥀
चुपके से उसकी तस्वीर सिरहाने में रखकर सो जाता हूं मैं,
और वो मेरे ख्वाबों में आ जाया करता है…🥀
Dusre ki amaanat ko dhekh kar hairan mat ho,
Khuda tumhe bhi dega pareshan mat ho