अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Enjoy Every Movement of life!
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
sadde ishq da majak na bnaya kr,
roj teri yaad aundi
kdde tuvi aaya kr
ye dhokha dena de dss de sabi ….
ave najra naa churaya kr
Narazgi aapki samaj gye hain…
Ab masla ye hai ke ye tufaan thamenga kaise..!!😬
नाराजगी आपकी समझ गए हैं
अब मसला ये है कि ये तूफान थमेंगा कैसे..!!😬