अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Enjoy Every Movement of life!
अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
Har kuddi aini matlabi taa zaroor hundi
ki apne pyaar nu kise naal wandd nahi sakdi
ਹਰ ਕੁੜੀ ਏਨੀ ਮਤਲਬੀ ਤਾਂ ਜ਼ਰੂਰ ਹੁੰਦੀ..
ਕਿ ਆਪਣੇ ਪਿਆਰ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਵੰਡ ਨਹੀ ਸਕਦੀ..
