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Keh Raha Hai Aap Sa Koi Nai || 2lines best status hindi

Aayina Phaila Raha Hai KhudFarebi Ka Ye Marz,
Har Kisi Se Keh Raha Hai Aap Sa Koi Nai.
आईना फैला रहा है खुदफरेबी का ये मर्ज,
हर किसी से कह रहा है आप सा कोई नहीं।

Title: Keh Raha Hai Aap Sa Koi Nai || 2lines best status hindi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Akbar ka saala || akbar birbal kahani hindi

अकबर का साला हमेशा से ही बीरबल की जगह लेना चाहता था। अकबर जानते थे कि बीरबल की जगह ले सके ऐसा बुद्धिमान इस संसार में कोई नहीं है। फिर भी जोरू के भाई को वह सीधी ‘ना’ नहीं बोल सकते थे। ऐसा कर के वह अपनी लाडली बेगम की बेरुखी मोल नहीं लेना चाहते थे। इसीलिए उन्होने अपने साले साहब को एक कोयले से भरी बोरी दे दी और कहा कि-

जाओ और इसे हमारे राज्य के सबसे मक्कार और लालची सेठ – सेठ दमड़ीलाल को बेचकर दिखाओ , अगर तुम यह काम कर गए तो तुम्हें बीरबल की जगह वज़ीर बना दूंगा।

अकबर की इस अजीब शर्त को सुन कर साला अचंभे में पड़ गया। वह कोयले की बोरी ले कर चला तो गया। पर उसे पता था कि वह सेठ किसी की बातो में नहीं आने वाला ऊपर से वह उल्टा उसे ही चूना लगा देगा। हुआ भी यही सेठ दमड़ीलाल ने कोयले की बोरी के बदले एक ढेला भी देने से इनकार कर दिया।
साला अपना सा मुंह लेकर महल वापस लौट आया और अपनी हार स्वीकार कर ली.
अब अकबर ने वही काम बीरबल को करने को कहा।
बीरबल कुछ सोचे और फिर बोले कि सेठ दमड़ीलाल जैसे मक्कार और लालची सेठ को यह कोयले की बोरी क्या मैं सिर्फ कोयले का एक टुकड़ा ही दस हज़ार रूपये में बेच आऊंगा। यह बोल कर वह तुरंत वहाँ से रवाना हो गए।
सबसे पहले उसने एक दरज़ी के पास जा कर एक मखमली कुर्ता सिलवाया। हीरे-मोती वाली मालाएँ गले में डाली। महंगी जूती पहनी और कोयले को बारीक सुरमे जैसा पिसवा लिया।

फिर उसने पिसे कोयले को एक सुरमे की छोटी चमकदार डिब्बी में भर लिया। इसके बाद बीरबल ने अपना भेष बदल लिया और एक मेहमानघर में रुक कर इश्तिहार दे दिया कि बगदाद से बड़े शेख आए हैं। जो करिश्माई सुरमा बेचते हैं। जिसे आँखों में लगाने से मरे हुए पूर्वज दिख जाते हैं और यदि उन्होंने कहीं कोई धन गाड़ा है तो उसका पता बताते हैं। यह बात शहर में आग की तरह फ़ैली।

सेठ दमड़ीलाल को भी ये बात पता चली। उसने सोचा ज़रूर उसके पूर्वजों ने कहीं न कहीं धन गाड़ा होगा। उसने तुरंत शेख बने बीरबल से सम्पर्क किया और सुरमे की डिब्बी खरीदने की पेशकश की। शेख ने डिब्बी के 20 हज़ार रुपये मांगे और मोल-भाव करते-करते 10 हज़ार में बात तय हुई।
पर सेठ भी होशियार था, उसने कहा मैं अभी तुरंत ये सुरमा लगाऊंगा और अगर मुझे मेरे पूर्वज नहीं दिखे तो मैं पैसे वापस ले लूँगा।
बीरबल बोला, “बिलकुल आप ऐसा कर सकते हैं, चलिए शहर के चौराहे पर चलिए और वहां इसे जांच लीजिये।”
सुरमे का चमत्कार देखने के लिए भीड़ इकठ्ठा हो गयी।

तब बीरबल ने ऊँची आवाज़ में कहा, “ये सेठ अभी ये चमत्कारी सुरमा लगायेंगे और अगर ये उन्ही की औलाद हैं जिन्हें ये अपना माँ-बाप समझते हैं तो इन्हें इनके पूर्वज दिखाई देंगे और गड़े धन के बारे में बताएँगे। लेकिन अगर आपके माँ-बाप में से किसी ने भी बेईमानी की होगी और आप उनकी असल औलाद नहीं होंगे तो आपको कुछ भी नहीं दिखेगा।
और ऐसा कहते ही बीरबल ने सेठ की आँखों में सुरमा लगा दिया।

फिर क्या था, सिर खुजाते हुए सेठ ने आँखें खोली। अब दिखना तो कुछ था नहीं, पर सेठ करे भी तो क्या करे!
अपनी इज्ज़त बचाने के लिए सेठ ने दस हज़ार बीरबल के हाथ थमा दिये। और मुंह फुलाते हुए आगे बढ़ गए।
बीरबल फ़ौरन अकबर के पास पहुंचे और रुपये थमाते हुए सारी कहानी सुना दी।

अकबर का साला बिना कुछ कहे अपने घर लौट गया। और अकबर-बीरबल एक दूसरे को देख कर मंद-मंद मुसकाने लगे। इस किस्से के बाद फिर कभी अकबर के साले ने बीरबल का स्थान नहीं मांगा।

Title: Akbar ka saala || akbar birbal kahani hindi


Rabb yaad aunda e || Punjabi poetry || true but sad shayari

Jadon thukra ke eh duniya moohre aa ke hassdi e
Mzak bna me staundi te lakhan tahne kassdi e
Jagg hunda e khilaf te nafrat varsaunda e
Fir tutte hoye dil nu bas rabb yaad aunda e..!!

Jadon lagda pta ke ethe koi nhi apna
Jadon hunda ehsas koi kareeb nhi japna
Vajud khud da e ki khayal eh staunda e
Fir tutte hoye dil nu bas rabb yaad aunda e..!!

Bahaan fadiyan ne jhuth diyan kaurha sach pta lagde
Vekhan rondeyan nu hass ke eh rahass pta lagde
Ghire hoye kyu dhokheyan ch jad har saah kurlaunda e
Fir tutte hoye dil nu bas rabb yaad aunda e..!!

Sahwein hor te pith piche hor bne firde
Bahron khare te dilon kyu chor bne firde
Jad hnju akhiyan da rooh kise di nu bhaunda e
Fir tutte hoye dil nu bas rabb yaad aunda e..!!

Lainde Na Saar matlab kadd tur jande ne
Dekh duniya da haal rooh de rukh murjhande ne
Jadon de ke koi jakham utte loon shidkaunda e
Fir tutte hoye dil nu bas rabb yaad aunda e..!!

Kyu pathar dil eh zalim e Duniya
Kyu dil ne khuda shadd ehnu sach chuneya
Hun fire bhatkda te rehnda pachtaunda e
Taan hi tutte hoye dil nu hun rabb yaad aunda e..!!

ਜਦੋਂ ਠੁਕਰਾ ਕੇ ਇਹ ਦੁਨੀਆਂ ਮੂਹਰੇ ਆ ਕੇ ਹੱਸਦੀ ਏ
ਮਜ਼ਾਕ ਬਣਾ ਕੇ ਸਤਾਉਂਦੀ ਤੇ ਲੱਖਾਂ ਤਾਹਨੇ ਕੱਸਦੀ ਏ
ਜੱਗ ਹੁੰਦਾ ਏ ਖਿਲਾਫ ਤੇ ਨਫ਼ਰਤ ਵਰਸਾਉਂਦਾ ਏ
ਫ਼ਿਰ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਦਿਲ ਨੂੰ ਬੱਸ ਰੱਬ ਯਾਦ ਆਉਂਦਾ ਏ..!!

ਜਦੋਂ ਲਗਦੈ ਪਤਾ ਕੇ ਇੱਥੇ ਕੋਈ ਨਹੀਂ ਆਪਣਾ
ਜਦੋਂ ਹੁੰਦਾ ਅਹਿਸਾਸ ਕੋਈ ਕਰੀਬ ਨਹੀਂ ਜਾਪਣਾ
ਵਜ਼ੂਦ ਖ਼ੁਦ ਦਾ ਏ ਕੀ ਖ਼ਿਆਲ ਇਹ ਸਤਾਉਂਦਾ ਏ
ਫ਼ਿਰ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਦਿਲ ਨੂੰ ਬੱਸ ਰੱਬ ਯਾਦ ਆਉਂਦਾ ਏ..!!

ਬਾਹਾਂ ਫੜੀਆਂ ਨੇ ਝੂਠ ਦੀਆਂ ਕੌੜਾ ਸੱਚ ਪਤਾ ਲਗਦੈ
ਵੇਖਣ ਰੋਂਦਿਆਂ ਨੂੰ ਹੱਸ ਕੇ ਇਹ ਰਹੱਸ ਪਤਾ ਲਗਦੈ
ਘਿਰੇ ਹੋਏ ਕਿਉਂ ਧੋਖਿਆਂ ‘ਚ ਜਦ ਹਰ ਸਾਹ ਕੁਰਲਾਉਂਦਾ ਏ
ਫ਼ਿਰ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਦਿਲ ਨੂੰ ਬੱਸ ਰੱਬ ਯਾਦ ਆਉਂਦਾ ਏ..!!

ਸਾਹਵੇਂ ਹੋਰ ਤੇ ਪਿੱਠ ਪਿੱਛੇ ਹੋਰ ਬਣੇ ਫਿਰਦੇ
ਬਾਹਰੋਂ ਖਰੇ ਤੇ ਦਿਲੋਂ ਕਿਉਂ ਚੋਰ ਬਣੇ ਫਿਰਦੇ
ਜਦ ਹੰਝੂ ਅੱਖੀਆਂ ਦਾ ਰੂਹ ਕਿਸੇ ਦੀ ਨੂੰ ਭਾਉਂਦਾ ਏ
ਫ਼ਿਰ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਦਿਲ ਨੂੰ ਬੱਸ ਰੱਬ ਯਾਦ ਆਉਂਦਾ ਏ..!!

ਲੈਂਦੇ ਨਾ ਸਾਰ ਮਤਲਬ ਕੱਢ ਤੁਰ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
ਦੇਖ ਦੁਨੀਆਂ ਦਾ ਹਾਲ ਰੂਹ ਦੇ ਰੁੱਖ ਮੁਰਝਾਂਦੇ ਨੇ
ਜਦੋਂ ਦੇ ਕੇ ਕੋਈ ਜਖ਼ਮ ਉੱਤੇ ਲੂਣ ਛਿੜਕਾਉਂਦਾ ਏ
ਫ਼ਿਰ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਦਿਲ ਨੂੰ ਬੱਸ ਰੱਬ ਯਾਦ ਆਉਂਦਾ ਏ..!!

ਕਿਉਂ ਪੱਥਰ ਦਿਲ ਇਹ ਜ਼ਾਲਿਮ ਏ ਦੁਨੀਆਂ
ਕਿਉਂ ਦਿਲ ਨੇ ਖੁਦਾ ਛੱਡ ਇਹਨੂੰ ਸੱਚ ਚੁਣਿਆ
ਹੁਣ ਫਿਰੇ ਇਹ ਭਟਕਦਾ ਤੇ ਰਹਿੰਦਾ ਪਛਤਾਉਂਦਾ ਏ
ਤਾਂ ਹੀ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਦਿਲ ਨੂੰ ਹੁਣ ਰੱਬ ਯਾਦ ਆਉਂਦਾ ਏ..!!

Title: Rabb yaad aunda e || Punjabi poetry || true but sad shayari