Aayina Phaila Raha Hai KhudFarebi Ka Ye Marz,
Har Kisi Se Keh Raha Hai Aap Sa Koi Nai.
आईना फैला रहा है खुदफरेबी का ये मर्ज,
हर किसी से कह रहा है आप सा कोई नहीं।
Aayina Phaila Raha Hai KhudFarebi Ka Ye Marz,
Har Kisi Se Keh Raha Hai Aap Sa Koi Nai.
आईना फैला रहा है खुदफरेबी का ये मर्ज,
हर किसी से कह रहा है आप सा कोई नहीं।
अब कौन रोज़ रोज़ ख़ुदा ढूंढे,
जिसको न मिले वही ढूंढे ..
रात आयी है, सुबह भी होगी,
आधी रात में कौन सुबह ढूंढे..
जिंदगी है जी खोल कर जियो,
रोज़ रोज़ क्यों जीने की वजह ढूंढ़े..
चलते फिरते पत्थरों के शहर में,
पत्थर खुद पत्थरों में भगवान ढूंढ़े..
धरती को जन्नत बनाना है अगर,
हर शख्स खुद में पहले इंसान ढूंढे…!!!
Log kehte hai andhere mein akelepan ko dekha hai
Unse kaho ke humne usi andhere mein,
Sitaron ko chamakte huye dekha hai..🍂
लोग कहते है अंधेरे मे अकेलपन को देखा है,
उनसे कहो की हमने उसी अंधेरे मे ,
सितारो को चमकते हुए देखा है..🍂