Aayina Phaila Raha Hai KhudFarebi Ka Ye Marz,
Har Kisi Se Keh Raha Hai Aap Sa Koi Nai.
आईना फैला रहा है खुदफरेबी का ये मर्ज,
हर किसी से कह रहा है आप सा कोई नहीं।
Aayina Phaila Raha Hai KhudFarebi Ka Ye Marz,
Har Kisi Se Keh Raha Hai Aap Sa Koi Nai.
आईना फैला रहा है खुदफरेबी का ये मर्ज,
हर किसी से कह रहा है आप सा कोई नहीं।
ना हुस्न से, ना सूरत से, ना तेरी अदाओं से दिल बेचैन है…
तेरे जिस्म का घायल करने वाला हिस्सा, तो सिर्फ़ तेरे नैन हैं..
देखा जो तूने, लगा लहरों पे चलती, ठंडी हवाओं का झोंका है..
क्या समझ इस इशारे में, कुछ था, या मेरी नजरों का धोखा है..
अब ना दिन में चैन है, ना रातों को सुकून मिलता है..
क्या तुझे लगता है, के किसी रांझे से मेरा खून मिलता है..??
अब तू ही सुलझा ये गुत्थी, जो मेरे ज़हन में चल रही है..
क्या ये आग ठीक है, प्यार की, जो मेरे सीने में जल रही है..?
Tumhare liye kitaab ka hissa hai mohobbat
Hamare liye imaan ka hissa hai mohobbat ❤️
तुम्हारे लिए किताब का कोई हिस्सा है मोहब्बत
हमारे लिए ईमान का हिस्सा है मोहब्बत❤️