khaamosh rah… tanaha baith… yaad kar us ko,
toone ishq kia hai…. gunaah chhota nahin hai tera…
खामोश रह… तनहा बैठ… याद कर उस को,
तूने इश्क़ किआ है…. गुनाह छोटा नहीं है तेरा…
khaamosh rah… tanaha baith… yaad kar us ko,
toone ishq kia hai…. gunaah chhota nahin hai tera…
खामोश रह… तनहा बैठ… याद कर उस को,
तूने इश्क़ किआ है…. गुनाह छोटा नहीं है तेरा…
गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला
बंदों का हुज़ूम था,खुदा ना मिला
ज़िस्म ना मिले,तो क्या हुआ यार
वो दिल से कभी, जुदा ना मिला
परिंदों के जैसा था, इश्क़ उसका
कोई वादा, कोई वास्ता ना मिला
ऐसे हुआ दिल पर,कब्ज़ा उसका
धड़कनों को भी, रास्ता ना मिला
उसके शाहपरस्त भी हैं,बादशाह
कोई भी पत्थर,तरास्ता ना मिला
Woh bhi nadaan aur ham bhi naadan the
woh kisi aur ke khyaalo me madhosh ham unke liye pareshaan the
ਵੋਹ ਵੀ ਨਾਦਾਨ ਔਰ ਹਮ ਵੀ ਨਾਦਾਨ ਥੇ,,
ਵੋਹ ਕਿਸੀ ਔਰ ਕੇ ਖ਼ਿਆਲੋਂ ਮੇ ਮਦਹੋਸ਼ ਹਮ ਉਨਕੇ ਲਿਏ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਥੇ।