जिन रास्तों पे सुरु ये सफर हुआ था,
आज उन्हीपे वापिस लौट रहा हूँ।
ख्वाब जो देखे थे कल,
आज उन्हें पाके लौट रहा हूँ।
कामयाबियों के राह पे जो छुटा था,
उन्हें आज समेट ते हुए लौट रहा हूँ।
जिन रास्तों पे सुरु ये सफर हुआ था,
आज उन्हीपे वापिस लौट रहा हूँ।
ख्वाब जो देखे थे कल,
आज उन्हें पाके लौट रहा हूँ।
कामयाबियों के राह पे जो छुटा था,
उन्हें आज समेट ते हुए लौट रहा हूँ।
Sab kuch hai
Fir bhi kuch khali sa hai
Sab to hai
Magar fir bhi tanhai c hai
Tum to ho
Fir bhi khoya sa rehta hu mein,
Sukun bhi hai
Magar bechaini hai ke chodti nhi..
सब कुछ है
फिर भी कुछ खाली सा है।
सब तो हैं
मगर फिर भी तन्हाई सी है।
तुम तो हो
फिर भी खोया सा रहता हूँ मैं,
सुकूँ भी है
मगर बेचैनी है कि छोड़ती नहीं।।
Tum to ab aaye ho is dasht-e-mohabbat ki taraf
Maine ye khak bahut pahle udayi hai🍃
तुम तो अब आये हो इस दश्त-ए-मोहोब्बत की तरफ़
मैने ये खाक बहुत पहले उड़ाई है🍃