जिन रास्तों पे सुरु ये सफर हुआ था,
आज उन्हीपे वापिस लौट रहा हूँ।
ख्वाब जो देखे थे कल,
आज उन्हें पाके लौट रहा हूँ।
कामयाबियों के राह पे जो छुटा था,
उन्हें आज समेट ते हुए लौट रहा हूँ।
जिन रास्तों पे सुरु ये सफर हुआ था,
आज उन्हीपे वापिस लौट रहा हूँ।
ख्वाब जो देखे थे कल,
आज उन्हें पाके लौट रहा हूँ।
कामयाबियों के राह पे जो छुटा था,
उन्हें आज समेट ते हुए लौट रहा हूँ।
मुकर्रर वही सवाल।
क्या अहमियत रखता हूँ आपकी ज़िंदगी में ?
सुनो।
सोने से पहले और जागने के बाद , मेरा पहला ख़याल हो तुम,
बग़ैर देखे भी तुम्हें पाने की चाह बढ़ते जाना, मेरा ऐसा पहला प्यार हो तुम।
जिसका जवाब देते वक्त पलकें झुक जाए , वो सवाल हो तुम।
और जिसका सिर्फ़ नाम सुनकर ही होंठों पर मुस्कान चा जाए , सच पूछो तो पहले ऐसे इंसान हो तुम।
तो आज के बाद मत पूछना की मेरे लिए कितने ख़ास हो तुम।❤️
Jinhe pahuchana tha paigam aman ka is jaha me
Wo hindu aur muslim ke maslo me uljhe hue hai
जिन्हें पहुंचाना था पैगाम अमन का इस जहान में
वो हिन्दू और मुस्लिन के मसलों में उलझे हुए हैं