जिन रास्तों पे सुरु ये सफर हुआ था,
आज उन्हीपे वापिस लौट रहा हूँ।
ख्वाब जो देखे थे कल,
आज उन्हें पाके लौट रहा हूँ।
कामयाबियों के राह पे जो छुटा था,
उन्हें आज समेट ते हुए लौट रहा हूँ।
Enjoy Every Movement of life!
जिन रास्तों पे सुरु ये सफर हुआ था,
आज उन्हीपे वापिस लौट रहा हूँ।
ख्वाब जो देखे थे कल,
आज उन्हें पाके लौट रहा हूँ।
कामयाबियों के राह पे जो छुटा था,
उन्हें आज समेट ते हुए लौट रहा हूँ।
ajeeb log baste hai tere shaher me jaaleem,
marammat kaanch kee karate hai paththar ke aujhaar se..
अजीब लोग बसते है तेरे शहेर मे जालीम,
मरम्मत कांच की करते है पथ्थर के औझार से..

Je tu rabb nu pauna chahunda
tan kar sabhna nu pyar
dujhe nu maadha kehan waleyaa
pehlan apne aap nu swaar