जिन रास्तों पे सुरु ये सफर हुआ था,
आज उन्हीपे वापिस लौट रहा हूँ।
ख्वाब जो देखे थे कल,
आज उन्हें पाके लौट रहा हूँ।
कामयाबियों के राह पे जो छुटा था,
उन्हें आज समेट ते हुए लौट रहा हूँ।
Enjoy Every Movement of life!
जिन रास्तों पे सुरु ये सफर हुआ था,
आज उन्हीपे वापिस लौट रहा हूँ।
ख्वाब जो देखे थे कल,
आज उन्हें पाके लौट रहा हूँ।
कामयाबियों के राह पे जो छुटा था,
उन्हें आज समेट ते हुए लौट रहा हूँ।
छुपा तो यही है
तुमसे ढूंढा नही जा रहा तो बताओ
मोहब्बत सच्ची है या झूठी छोड़ो ना
तुम्हे मज़ा नही आ रहा तो बताओ
Don’t settle. Don’t finish crappy books. If you don’t like the menu, leave the restaurant. If you’re not on the right path, get off it
Chris Brogan