Enjoy Every Movement of life!
Is bhari kayanat mein ya rab
Apne rehne ko ek ghar bhi nhi
Pedh ke niche jo guzar jaye
Zindagi itni mukhtsar bhi nhi😊
इस भरी कायनात में या रब
अपने रहने को एक घर भी नहीं
पेड़ के नीचे जो गुज़र जाए
ज़िन्दगी इतनी मुख़्तसर भी नहीं😊
इश्क किया था हमने भी
पर छोड़ कर चली गए हमे बीच राह में।
शायद हमसे गलती हो गई
सच्चा प्यार दे बैठे थे हम
यही हमारी भूल हो गई
