Maine khel hamesha khud ke dam par khele hai
isliye tere jaise aaj mere chele hai
मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है
इसीलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है..
Maine khel hamesha khud ke dam par khele hai
isliye tere jaise aaj mere chele hai
मैने खेल हमेशा खुद के दम पर खेले है
इसीलिए तेरे जैसे आज मेरे चेले है..

वो आसमन मै फैला उजाला है,
या मेरे घुस्से पर लगा ताला|
वो पहाडो की चोटी पर सुरज की किरण है,
या जिंदगी सही जिने का आचरण|
वो ना हो तो वर्णमाला अधुरी है,
वो जो सबसे ज्यादा जरुरी है|
डाटता हु तो चुप हो जाती है,
फिर मेरी गोद मै आ कर सिसककर रोती है|
वो मुझसे मेहेंगे तौफे या खिलोने नही चाहती,
वो तो बस कुछ वक्त मेरे साथ बिताना चाहती है|
लोग केहते है बेटिया तो पराया धन होती है,
पर एक बाप से पूछो वो उसके जिनेका मकसद होती है|
बेटीया तो सिर्फ बेटीया होती है|