तू चाँद हैं,
तेरे साथ ढलना चाहता हूँ,
तेरी जिंदगी का,
सबसे खूबसूरत पल बनना चाहता हूँ..
तू चाँद हैं,
तेरे साथ ढलना चाहता हूँ,
तेरी जिंदगी का,
सबसे खूबसूरत पल बनना चाहता हूँ..
कभी थकन के असर का पता नहीं चलता
वो साथ हो तो सफ़र का पता नहीं चलता
वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया
वो कह रहा था भँवर का पता नहीं चलता
उलझ के रह गया सैलाब कुर्रए-दिल से
नहीं तो दीदा-ए-तर का पता नहीं चलता
उसे भी खिड़कियाँ खोले ज़माना बीत गया
मुझे भी शामो-सहर का पता नहीं चलता
ये मंसबो का इलाक़ा है इसलिए शायद
किसी के नाम से घर का पता नहीं चलता
