खुद पर रख भरोसा के, रब भी तुझे गैर करेगा.. अपनों की छोड़, तू भी खुद से बैर करेगा... सांस थामकर कर, थोड़े और बुलंद हौंसले कर.. जब निगाहें होगी ज़माने में, रब भी तेरी खैर करेगा...
Enjoy Every Movement of life!
खुद पर रख भरोसा के, रब भी तुझे गैर करेगा.. अपनों की छोड़, तू भी खुद से बैर करेगा... सांस थामकर कर, थोड़े और बुलंद हौंसले कर.. जब निगाहें होगी ज़माने में, रब भी तेरी खैर करेगा...
“”Ishq Di Mere Mitraa.. Pehchaan ki…??
Mit Jaave Jadon Jid Apnan Di..””
