
Akhiyan shaddna ron nu..!!
Kinne ku din hor paye ne
Ohde mere ikk hon nu..!!

Mohobbat ek alag ehsas e
Roohani jazbeyan naal bharpoor
Jismani rishteyan to kohan door..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਇੱਕ ਅਲੱਗ ਅਹਿਸਾਸ ਏ
ਰੂਹਾਨੀ ਜਜ਼ਬਿਆਂ ਨਾਲ ਭਰਪੂਰ
ਜਿਸਮਾਨੀ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਤੋਂ ਕੋਹਾਂ ਦੂਰ..!!
उलझनें है बहुत
सुलझा लिया करता हूँ
फोटो खिंचवाते वक्त मैं अक्सर
मुस्कुरा दिया करता हूँ…!
क्यों नुमाइश करू मैं अपने
माथे पर शिकन की
मैं अक्सर मुस्कुरा के
इन्हें मिटा दिया करता हूँ
क्योंकि
जब लड़ना है खुद को खुद ही से……!
तो हार और जीत में कोई फर्क नहीं रखता हूं….!
हारूं या जीतूं कोई रंज नहीं
कभी खुद को जिता देता हूँ
कभी खुद ही जीत जाया करता हूं
इसलिए भी मुस्कुरा दिया करता हूँ..
😇✍️