किस अदा में उसकी जादू है, ये कहना थोड़ा मुश्किल है..
उन आँखों ने जो दर्द दिया, वो सहना थोड़ा मुश्किल है..
झूठे प्यार की लहरों में उसकी, मेरा बहना थोड़ा मुश्किल है..
उसके दिल में ना जाने कित-नों की जगह है, मेरा रहना थोड़ा मुश्किल है..
किस अदा में उसकी जादू है, ये कहना थोड़ा मुश्किल है..
उन आँखों ने जो दर्द दिया, वो सहना थोड़ा मुश्किल है..
झूठे प्यार की लहरों में उसकी, मेरा बहना थोड़ा मुश्किल है..
उसके दिल में ना जाने कित-नों की जगह है, मेरा रहना थोड़ा मुश्किल है..
Ye Jo ankhen hai na tumhari,
inko jara jhuka ke rakha karo,
kynki jab ye uthati hai,
hazron dil ki dhadkane dhak dhak karne lagti Hain.. ?
उठे थे हाथ जिनके,
उन्ही दुआओं का असर हूं,
चिराग़ सी हैं नज़रें मेरी
जैसे सुबह की पहली पहर हूं
धूल से ही तो नाता है मेरा
वहीं ठंडी हवाओं में बसर हूं
कलम से शायर कह दो
होंठों से कहर हूं,
ठहरा है दरिया जो किनारे में
वहीं बहता छोटा सा शहर हूं,
मानों तो प्यास मिले
ना मानों तो ज़हर हूं...