
Sukun howe dass kinna seene di thaar ch..!!
Dila oh ki Jane ishqiya irade tere
Ke kis hadd takk tu guzar chukka e ohde pyar ch..!!

मृगजळाच्या जगात या कृष्ण सारथी तु
निर्जण वाळवटांतला पाण्याचा थेंब तु
मावळता सूर्य हा चंद्र प्रकाश तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तु
भटकल्या जीवनाचा विसावा तु
माझ्या प्रत्येक प्रश्नाचे उत्तर तू
या सुदामाचा कृष्णा तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तू
या तळपत्या उन्हातील सावली तु
पडता गारवा जिवनाची ऊब तु
जगण्यास या जगात माझा श्वास तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तु….
शब्द ~ पवन पाटील…
हमने जो की थी मोहब्बत आज भी है
उनके ज़ुल्फ़ों की शाए की चाहत आज भी है
ये रात कटती है आज भी ख्याल में उनके
दीवानों सी वो मेरी हालत आज भी है
किसी औरकी तस्वीर को उठती नहीं
बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफ़त आज भी है
एक बार चाह कर चाहे दिल तोड़ दे वोह
दिल तोड़ के जाने की इज़ाज़त उसे आज भी है
हमने जो की थी मोहब्बत आज भी है
उनके ज़ुल्फ़ों की शाए की चाहत आज भी है