किस हरम में जाती होगी रूह,
ये जिस्म छोड़ने के बाद, पता नही...
लगता है वहां सुकून बहुत मिलता होगा,
वरना हर किसी का मुकद्दर वही नही होता...
Enjoy Every Movement of life!
किस हरम में जाती होगी रूह,
ये जिस्म छोड़ने के बाद, पता नही...
लगता है वहां सुकून बहुत मिलता होगा,
वरना हर किसी का मुकद्दर वही नही होता...
ना जाने क्या हो गया आंखों हि आंखों में
सायद इसे इज़हार कैहते हैं
देखो ना दो दिनों से निंद नहीं आ रही मुझे
सायद इसे हि प्यार कैहते।
E khuda eh ishq da ki nazara e
Kise layi e gunah te kise jano pyara e..!!
ਏ ਖੁਦਾ ਇਹ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਕੀ ਨਜ਼ਾਰਾ ਏ
ਕਿਸੇ ਲਈ ਏ ਗੁਨਾਹ ਤੇ ਕਿਸੇ ਜਾਨੋਂ ਪਿਆਰਾ ਏ..!!