किस हरम में जाती होगी रूह,
ये जिस्म छोड़ने के बाद, पता नही...
लगता है वहां सुकून बहुत मिलता होगा,
वरना हर किसी का मुकद्दर वही नही होता...
Enjoy Every Movement of life!
किस हरम में जाती होगी रूह,
ये जिस्म छोड़ने के बाद, पता नही...
लगता है वहां सुकून बहुत मिलता होगा,
वरना हर किसी का मुकद्दर वही नही होता...
Thokar sahi, chaahe jaan nikle raahi me, bas
manzil wo ho jo garoor bankar saath chale
ठोकर सही, चाहे जान निकले राहों में, बस,
मंज़िल वो हो जो गुरूर बनकर साथ चले...
