किस हरम में जाती होगी रूह,
ये जिस्म छोड़ने के बाद, पता नही...
लगता है वहां सुकून बहुत मिलता होगा,
वरना हर किसी का मुकद्दर वही नही होता...
Enjoy Every Movement of life!
किस हरम में जाती होगी रूह,
ये जिस्म छोड़ने के बाद, पता नही...
लगता है वहां सुकून बहुत मिलता होगा,
वरना हर किसी का मुकद्दर वही नही होता...
دیکھ کر یہ قرب حیرت زدہ ہوتے رہے لوگ
ساتھ تیرا اس طرح عطا کرے رب مجھے
DEKH KAR YEH QURB HAIRAT ZADAA HOTE RAHE LOG
SAATH TERA IS TARHA ATAA KARE RAB MUJHE
वफ़ा के शीश महल में सजा लिया मैनें ,
वो एक दिल जिसे पत्थर बना लिया मैनें,
ये सोच कर कि न हो ताक में ख़ुशी कोई ,
ग़मों कि ओट में ख़ुद को छुपा लिया मैनें,
कभी न ख़त्म किया मैं ने रोशनी का मुहाज़ ,
अगर चिराग़ बुझा, दिल जला लिया मैनें,
कमाल ये है कि जो दुश्मन पे चलाना था ,
वो तीर अपने कलेजे पे खा लिया मैनें |