किस हरम में जाती होगी रूह,
ये जिस्म छोड़ने के बाद, पता नही...
लगता है वहां सुकून बहुत मिलता होगा,
वरना हर किसी का मुकद्दर वही नही होता...
किस हरम में जाती होगी रूह,
ये जिस्म छोड़ने के बाद, पता नही...
लगता है वहां सुकून बहुत मिलता होगा,
वरना हर किसी का मुकद्दर वही नही होता...
Kive kaha ohna pala di kahani mein
Jad dhrt-akash do roohan nu milaunda e..!!
Oh mulakat e ishq ruhaniyat di
Rabb aap miln jiwe aunda e..!!
ਕਿਵੇਂ ਕਹਾਂ ਉਹਨਾਂ ਪਲਾਂ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਮੈਂ
ਜਦ ਧਰਤ-ਅਕਾਸ਼ ਦੋ ਰੂਹਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਾਉਂਦਾ ਏ..!!
ਉਹ ਮੁਲਾਕਾਤ ਏ ਇਸ਼ਕ ਰੂਹਾਨੀਅਤ ਦੀ
ਰੱਬ ਆਪ ਮਿਲਣ ਜਿਵੇਂ ਆਉਂਦਾ ਏ..!!
आज तिरंगा फहराया है अपनी पूरी शान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
आजादी के लिए हमारी लम्बी लड़ाई चली थी
लाखों लोगों ने प्राणों से कीमत बड़ी चुकाई थी
व्यापारी बनकर आये और छल से हम पर राज किया
हमको आपस में लडवाने की नीति अपनाई थी
हमने अपना गौरव पाया अपने स्वाभिमान से
हमे मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
गाँधी तिलक सुभाष जवाहर का यह प्यारा देश है
जियो और जीने दो सबको देता ये संदेश हैं
प्रहरी बनकर खड़ा हिमालय जिसके उत्तर द्वार पर
हिन्द महासागर दक्षिण में इसके लिए विशेष हैं
लगी गूंजने दसो दिशाएं वीरों के यशगान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
हमें अपनी मातृभूमि इतना मिला दुलार है
इसके आंचल की छैया से ये छोटा संसार है
हम न कभी हिंसा के आगे अपना शीश झुकाएगे
सच पूछो तो पूरा विश्व ही हमारा परिवार है
विश्व शांति की चली हवाएं अपने हिंदुस्तान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से