बिखरे हुए है पन्नें मेरे
खुद को किताबों की तरह सहेजना चाहती हूँ ❣️
Enjoy Every Movement of life!
बिखरे हुए है पन्नें मेरे
खुद को किताबों की तरह सहेजना चाहती हूँ ❣️
Har zindagi ke akhir mein yahi mukam aaya hai,
Shaakh se toot kar patta bikharne ke kaam aaya hai🙃
हर ज़िन्दगी के आखिर में यही मुक़ाम आया है,
शाख से टूटकर पत्ता बिखरने के काम आया है🙃
मोहब्बत तो हमेशा तुझी से रहेगी,
चाहे तुम नाराज रहो चाहे नजर अंदाज करो !