बिखरे हुए है पन्नें मेरे
खुद को किताबों की तरह सहेजना चाहती हूँ ❣️
बिखरे हुए है पन्नें मेरे
खुद को किताबों की तरह सहेजना चाहती हूँ ❣️
कांटों से लिपट कर हम सो गए ,
वो फूलों पर करवट बदलते रहे,
वो सोए रहे सुकून से मखमली बिस्तर पर
और हम चिराग की तरह जलते रहे,,
अरे वो तो कब का छोड़ चुके थे मेरा साथ बीच रस्ते में,
और एक हम थे कि वो मेरे साथ है ये सोच कर बस चलते रहे,,
मैं तो हर मोड़ पर साथ था उनके, बचाता रहा उन्हें हर ठोकरों से,
और एक वो है जो मुझे ठोकर मारा कर चले गए, और हम खुद ही गिरते रहे संभलते रहे,,
फिर भी मुझे कोई गिला नहीं, कोई शिकवा नहीं,
हो जाए अगर मुकम्मल इश्क तो फिर वो इश्क ही क्या, ओर इश्क का मजा ही क्या,
यारो इश्क का मजा तो तब है जब दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे, दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे।।
नितीश कुमार ✍️
Saadgi ch rehan de shonk ne awalle😇
Na dekh lokan vall bahla sajjde haan🙏..!!
Na aakda nu rakhiye na rohab rakhde haan🤗
Taan hi kayi dila te sidha vajjde haan❤️..!!
ਸਾਦਗੀ ‘ਚ ਰਹਿਣ ਦੇ ਸ਼ੌਂਕ ਨੇ ਅਵੱਲੇ😇
ਨਾ ਦੇਖ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲ ਬਾਹਲਾ ਸੱਜਦੇ ਹਾਂ🙏..!!
ਨਾ ਆਕੜਾਂ ਨੂੰ ਰੱਖੀਏ ਨਾ ਰੋਹਬ ਰੱਖਦੇ ਹਾਂ🤗
ਤਾਂ ਹੀ ਕਈ ਦਿਲਾਂ ‘ਤੇ ਸਿੱਧਾ ਵੱਜਦੇ ਹਾਂ❤️..!!