बिखरे हुए है पन्नें मेरे
खुद को किताबों की तरह सहेजना चाहती हूँ ❣️
Enjoy Every Movement of life!
बिखरे हुए है पन्नें मेरे
खुद को किताबों की तरह सहेजना चाहती हूँ ❣️
Na rah mili Na manzil mili
Sath hamare bas gam the
Vo to hmesha se hi sahi the
Unke liye sirf hum galat the 💔
ना राह मिली ना मंज़िल मिली।
साथ हमारे बस गम थे।।
वो तो हमेशा से ही सही थे।
उनके लिए सिर्फ गलत हम थे।।💔
हादसे का क्या भरोसा,
शायद अगले पल होगा,
फिर भी चल रही है धड़कने तो
दिल थाम लेना
शायद ज़िन्दगी में नए इश्तहार अभी बाकी है
सांसों को थमने का इंतजार करना होगा
किसी का वाजिब इंतजार अभी बाकी है
देहलीज़ पर दस्तक देकर
हम दिल हो जाऊ सबसे
बेशक,
मुझसे थोड़ी सांसे अब भी बाकी है...