Ab koi shikwa shikayat nahi
Ab mujhme hi mai hu
Tum me nahi…🙌
अब कोई शिकवा शिकायत नहीं
अब मुझमें ही मैं हूँ
तुम में नहीं…🙌
Enjoy Every Movement of life!
Ab koi shikwa shikayat nahi
Ab mujhme hi mai hu
Tum me nahi…🙌
अब कोई शिकवा शिकायत नहीं
अब मुझमें ही मैं हूँ
तुम में नहीं…🙌
जो ज़ख्म देता है मरहम उसी का काम है
लोग कितना ही मरहम क्यों न लगा दे कम ही लगता है
रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो