Koi ta-kyamat kol rahe eh mumkin nahi
Oh aunda e milda e te vichad janda e
Bas ese da naam hi zindagi e..!!
ਕੋਈ ਤਾ-ਕਿਆਮਤ ਕੋਲ ਰਹੇ ਇਹ ਮੁਮਕਿਨ ਨਹੀਂ
ਉਹ ਆਉਂਦਾ ਏ ਮਿਲਦਾ ਏ ਤੇ ਵਿੱਛੜ ਜਾਂਦਾ ਏ
ਬਸ ਇਸੇ ਦਾ ਨਾਮ ਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਏ..!!
Koi ta-kyamat kol rahe eh mumkin nahi
Oh aunda e milda e te vichad janda e
Bas ese da naam hi zindagi e..!!
ਕੋਈ ਤਾ-ਕਿਆਮਤ ਕੋਲ ਰਹੇ ਇਹ ਮੁਮਕਿਨ ਨਹੀਂ
ਉਹ ਆਉਂਦਾ ਏ ਮਿਲਦਾ ਏ ਤੇ ਵਿੱਛੜ ਜਾਂਦਾ ਏ
ਬਸ ਇਸੇ ਦਾ ਨਾਮ ਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਏ..!!
Poh da mahina ate raatan kaliyan ch
Asi vi dubb gye akhan surme valiyan ch
Mein keha, “acha ji, sat shri akaal!
Kehndi baith sardara! Ghutt Chaa taan pi lyiye piyaliyan ch 😍
ਪੋਹ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਅਤੇ ਰਾਤਾਂ ਕਾਲੀਆਂ ‘ਚ
ਅਸੀ ਵੀ ਡੁੱਬ ਗਏ ਅੱਖਾਂ ਸੁਰਮੇ ਵਾਲੀਆਂ ‘ਚ
ਮੈ ਕਿਹਾ ,”ਅੱਛਾ ਜੀ , ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਆਕਾਲ !
ਕਹਿੰਦੀ ਬੈਠ ਸਰਦਾਰਾ! ਘੁੱਟ ਚਾਅ ਤਾਂ ਪੀ ਲਈਏ ਪਿਆਲੀਆਂ ‘ਚ 😍
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।