Koi Tabeez Aisa Do Ki Main Chalaak Ho Jaun
Bahut Nuksaan Deti Hai Mujhe Ye Sadgi Meri!
Enjoy Every Movement of life!
Koi Tabeez Aisa Do Ki Main Chalaak Ho Jaun
Bahut Nuksaan Deti Hai Mujhe Ye Sadgi Meri!
ہر دھڑکن تیرے نام پے نچتی ہے
ہر سانس تیرے کام سے بچتی ہے
تیرے درشن بنا زندگی کتنی رُک رُک کر چلتی ہے
हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला🍂