Sunn jaanda hoyeaa waada te kasmaa lae jai
fir kise rishte ch kam aau
ਸੁਣ ਜਾਂਦਾ ਹੋਇਆ ਵਾਅਦੇ ਤੇ ਕਸਮਾਂ ਲੈ ਜਾਈ
ਫਿਰ ਕਿਸੇ ਰਿਸ਼ਤੇ ‘ਚ ਕੰਮ ਆਉ
Sunn jaanda hoyeaa waada te kasmaa lae jai
fir kise rishte ch kam aau
ਸੁਣ ਜਾਂਦਾ ਹੋਇਆ ਵਾਅਦੇ ਤੇ ਕਸਮਾਂ ਲੈ ਜਾਈ
ਫਿਰ ਕਿਸੇ ਰਿਸ਼ਤੇ ‘ਚ ਕੰਮ ਆਉ
Vo jo sawera tere saath tha , pure din Tera ehsaas tha raat me tere hi khwaab the , khwaabo me naya sa jahaan tha
Kuchh baatein thi baaton me sapne the ..sapne me hum or hum me tum
Bhool gaye tum hume bach gaye mehez gam
Bhool gaye tum Hume jaise kabhi kuchh tha hi nahi , vo jo hamara saath tha ek khubsurat sa ehsaas tha haathon me haath tha b
Khair chhodo bhool gaye tum Hume jaise kabhi kuchh tha hi nahi ……
दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।