Kuch Haar Gayi Taqdeer, Kuch Toot Gaye Sapne,
Kuch Gairon Ne Kiya Barbaad Kuch Bhool Gaye Apne
Kuch Haar Gayi Taqdeer, Kuch Toot Gaye Sapne,
Kuch Gairon Ne Kiya Barbaad Kuch Bhool Gaye Apne
तू चलता चल ऐ बंदेया
माना मुश्किल , है सफ़र
पर जब साथ हो कोई हमदर्द
तो किस बात का डर
तू चलता चल ऐ बंदेया….
बपिस मुड़ना अब यहाँ से
माना है , जिस राह पर तू चला है
रुक , ठहर , खुद से खुद की लिए इजाज़त माँग,
फिरसे खड़कर , द्रिड होकर, चट्टान सा बनकर
तू चलता चल ऐ बंदेया…
तुझे रखना पड़ेगा खुद को प्रत्येक रूप से तयार
क्यूँकि इस संसार में ना रख सकते प्यार का , ना यार का ऐतबार
पर मुश्किल समय में ग़ैरों का हौंसला ज़रूर बनना मेरे यार
यहाँ आजकल कोन आता है छोड़कर अपना घर व्यापार
तू बुलंदियाँ छूता चल ऐ बंदेया ,तू चलता चल ऐ बंदेया ,
तू चलता चल ऐ बंदेया…….।
I love how you pray for something, it seemingly goes unanswered, and then one day you’re at the center of the very thing that once felt impossible.
The waiting room isn’t punishment…God was positioning you to receive the fullness of your request.
Stay in position.