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Kuch Log Sudhar Nahi Sakte

कुछ लोग सुधर नहीं सकते हैं
हर किसी के बारे में बुरा ही बकते है
इन्हे किसी दूसरे की तारीफ करना आता नहीं हैं
इन्हे अपने खून के अलावा(सग्गे रिश्ते ) और कोई भाता नहीं हैं
यह लोग खुदको भगवान समझते हैं
भगवन खुद इन्हे शैतान समझते हैं
यह लोग इनके सग्गे रिश्तों में भी आग लगा देते हैं
अच्छे खासे परिवार में दाग लगा देते हैं
इनकी सोच ज़मीन में और सिर आसमान में रहता हैं
इन्हे कदर घर के बेटे की नहीं बल्कि उसकी है जो विदेश में बैठा हैं
यह लोग किसी दुसरे को आगे बढ़ता देख नहीं पाएंगे
अगर कोई आगे बढ़ गया तो यह चैन से बैठ नहीं पाएंगे
दुसरो को बुरा खुदको अच्छा दिखाना ही इन्हे सिर्फ आता हैं
इन्हे अपने खून के अलावा और कोई नहीं भाता हैं
इनमे कोई कमी नहीं ऐसा इनको लगता है
गिने चुने लोगो के अलावा इन्हे हर कोई खटकता है
किसी के लिए कुछ अच्छा ये कर नहीं सकते हैं
इन्हे जो पसंद है उसे सिर पर चढ़ा सकते हैं
लेकिन इनके पैर दबाने वालो को यह पैर तक ही रखते हैं
कुछ लोग कभी सुधर नहीं सकते हैं ।

Title: Kuch Log Sudhar Nahi Sakte

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Hun rooh v meri hasdi || Shayari Dard

HUN ROOH V MERI HASDI || SHAYARI DARD
Hun rooh v meri hasdi mere te
Hun ki kise nu kehana ni
Eh ishq ta ikk khel hai
Sareya ne khelde rehna ni
Ikk baazi layi c mai v haar gya
Iss ishq di kataar ch Arsh
ne ta akhir vich hi rehna c




SAAF SHEESHE

Asi taan ik saaf sheeshe varge haan sajhna jad v vekhange aapne aap nu hi pawange

Asi taan ik saaf sheeshe varge haan
sajhna jad v vekhange
aapne aap nu hi pawange