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Kush khaas farak nahi hota || dard shayari

कुछ ख़ास फर्क नहीं होता तेरे ना होने से,
बस ये जिंदगी, जिंदगी जीना छोड़ देती है...
मोड़ देती है रास्ते मेरे तेरी गलियों में वहां,
जहां नजरें उठाने से धड़कने दम तोड देती हैं...
मिलने का दावा करती हैं,
बोल देती है तेरी तस्वीरें, तेरी ज़ुबां ना ही सही,
मुझे वहां वापस तेरी गलियों में छोड़ देती है...
वहीं जहां धड़कनें दम तोड देती हैं...

Title: Kush khaas farak nahi hota || dard shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Me mukammal hoke bhi adhoora || dard shayari

मैं मुकम्मल होके भी अधूरा ही रहा हु ,

तमाम आजमइशों के बाद भी अकेला ही रहा हु । 

मैं हर बार करता रहा जिसकी हसी की दुआ 

बदले मे इसके हर बार रोता रहा हूँ । 

हर बार बेवजह रूठता है कोई मुझसे 

लाख कोशिशों के बाद भी खुद को खोटा रहा हूँ ।

मेरी कोशीशे मिटा रही है तमाम जख्मो को मेरे ,

दूसरी तरफ जज़बातो की आड़ मे एनहे खुरेद रहा हूँ ।   

Title: Me mukammal hoke bhi adhoora || dard shayari


Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry

सफर जारी है मंज़िल को पाने की।
जंग से लड़ना ही रीत है जहां की।।
बैठे रहने से कुछ भी नसीब नहीं ।
नसीब के भरोसे अकर्मण्यों ने ज़िन्दगी जियी।।

कर पूजन कर्म का तू।
मन में रख कर हौंसला । ।
हौंसला यदि हो बुलन्द।
तय होगा हर फासला।।
ज़िन्दगी समय से है , समय ही ज़िन्दगी ।
यूं न जाने दो समय को , नहीं मिलेगी कोई ख़ुशी।।
कर हर काम समय पर , ज़िन्दगी तुम्हे आसमान पर ला देगी ।
सफलता की सीढिया कदमों पर झुका देगी।।
लड़ो ज़िन्दगी की हर एक जंग से ।
न हारो वक़्त रूपी तुरंग से।।
पल पल अनमोल है ज़िन्दगी की ।
केवल परिश्रम हो तो मिलेगी हर ख़ुशी।।
मंज़िल को पाना आसान नहीं ।
पर मंज़िल को ही छोड़ देना हल नहीं । ।
पार कर राहों के कांटो को ।
बढ़ते रहो मंज़िल की ओर।।

Title: Badhte raho || मंज़िल की ओर…|| hindi poetry