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Kya yahi pyaar kehlata hai? || Love hindi shayari

Tere bhool jaane ki aadat k sadke, 
Tujhe bhool jaane ko jee chahta hai.. 
Raah to koi or pakadta hu magar, 
Hr zrraah teri or fir se kheech lata hai..
Kya yahi pyaar kehlata hai?

Khush hone k lamhe boht mile,
Pr noor chehre pe teri vajah se ata hai.. 
Krte nhi hai baat kisi se, 
Kyu ki hr baat me tera zikkr aa jata hai.. 
Kya yahi pyaar kehlata hai?

Mubarak hr shaam hua krti thi kbhi, 
Ab hr shaam me chaand dhal jata hai..
Roshni to aati hai hr roj subhah, 
Magar andhera aankhon me basa rehta hai.. 
Kya yahi pyaar kehlata hai?

Title: Kya yahi pyaar kehlata hai? || Love hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


ऊँट की गर्दन || akbar story

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: ऊँट की गर्दन || akbar story


HAWA THANDI || PUNJABI LOVE 2 LINES STATUS

Chann hai asmani
te hawa thandi
te
uton teri yaad di garmehesh
la-jawaab hai