लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Enjoy Every Movement of life!
लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Tu v taan sheeshe di tarah bewafa nikaleya
jo sahmne aayea ohda hi ho gya
ਤੂੰ ਵੀ ਤਾਂ ਸ਼ੀਸ਼ੇ ਦੀ ਤਰਾਂ ਬੇਵਫਾ ਨਿਕਲਿਆ
ਜੋ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਉਹਦਾ ਹੀ ਹੋ ਗਿਆ
