लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Enjoy Every Movement of life!
लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Jinna Koi karda e kari jaane aa
saadha v subaah hun oh na reha
ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਕੋਈ ਕਰਦਾ ਏ ਕਰੀ ਜਾਨੇ ਆ
ਸਾਡਾ ਵੀ ਸੁਭਾਅ ਹੁਣ ਉਹ ਨਾ ਰਿਹਾ
