लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Enjoy Every Movement of life!
लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
तेरी याद बडी जोरो से आई आज
तू कही मुझे बददुआ तो नही दे रही
हम ख्वाबों में आए होंगे कल रात को तेरे
तू कल रात से ही शोइ नही
कुछ बातो ने याद आके रुलाया आज
तू कही वो बाते किसे और से तो नही कर रही
😊🤷میرے
جانے کے بعد یہ دل کے راز کس کو بتاؤں گی
میری طرح ہر ایک شخص ہمدرد نہیں ہوتا🙇♥️🍁