लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Gairon se naata jodkar kaha apno se rishte bante hain,
Naata toot jaye kisi se to log bhi tanj kaste hain
Doori bna kar rehne par bhi rahat aur chain kaha
Mere halat par dekho ye duniya bhar ke log haste hain….🙃💔
गैरों से नाता जोड़कर कहां अपनों से रिश्ते बनते हैं,
नाता टूट जाए किसी से तो लोग भी तंज कसते हैं,
दूरी बना कर रहने पर भी राहत और चैन कहां,
मेरे हालात पर देखो ये दुनिया भर के लोग हंसते हैं….🙃💔
Harkatein byan nahi karti
Jtana bhi padta hai
Ishq mein kabi kabi
Ajmana bhi padta hai
Aur kaise shode sath uska
Jo har waqt tha sath hmare
Ab yun Na kehna ki
Shod ke Jana bhi padta hai🍂
हरकते बयां नहीं करती
जताना भी पड़ता है
ईश्क में कभी कभी
आजमाना भी पड़ता है
और कसे छोड़े साथ उसका
जो हर वक्त था साथ हमारे
अब यू ना कहना की
छोड़ के जाना भी पड़ता है 🍂