लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Enjoy Every Movement of life!
लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Zara bhi farak nahi hu-ba-hu dhadkata hai
Ye dil nahi mere seene me tu dhadakta hai❤
ज़रा भी फर्क नहीं हू-ब-हू धड़कता है
ये दिल नहीं मेरे सीने में तू धड़कता है❤
