लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Enjoy Every Movement of life!
लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...

me hun aisa koi gunaah karnaa
jis di sazaa bas tu howe
ਮੈਂ ਹੁਣ ਐਸਾ ਕੋਈ ਗੁਨਾਹ ਕਰਨਾ
ਜਿਸ ਦੀ ਸਜਾ ਬਸ ਤੂੰ ਹੋਵੇ…