लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Enjoy Every Movement of life!
लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Kuch ghav thik ho rhe hai
kuch par marham lgaya ja rha hai
Par kya btaye ye jhakhm to bahar ke hai
andar se to meri rooh ko tadpaya jarha hai💔
कुछ घाव ठीक हो रहे हैं
कुछ पर मरहम लगाया जा रहा है
पर क्या बताएँ ये ज़ख्म तो बाहर के हैं
अंदर से तो मेरी रूह को तड़पाया जा रहा है💔
pyaar wali gal da mazaak nahi banai da
chhadna hi howe taa pehla dil hi ni laida
ਪਿਆਰ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਦਾ ਮਜ਼ਾਕ ਨੀ ਬਣਾਈ ਦਾ,
ਛੱਡਣਾ ਹੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਦਿਲ ਹੀ ਨੀ ਲਾਈਦਾ 💔💯