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Lafaz dar lafaz badhti gai

लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में

कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...

Title: Lafaz dar lafaz badhti gai

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Woh jaado garni hai || hindi kavita

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जादूगरनी…

वो लड़की जादूगरनी है।

कभी शोला, कभी शबनम जैसी,

कभी दूज, कभी पूनम जैसी,

कभी गुस्सा, कभी सरगम जैसी,

कभी चोंट, कभी मरहम जैसी,

कभी शीशम, कभी रेशम जैसी,

कभी गैर, कभी हम-दम जैसी,

कभी वो सम, कभी विषम जैसी,

रोज़ बदलते मौसम जैसी,

रंग-बिरंगी मौरनी है,

वो लड़की जादूगरनी है।

कभी वो मक्खन, कभी मलाई,

कभी वो मिर्ची, कभी मिठाई,

कभी नगाड़ा, कभी शहनाई,

कभी अलसाई, कभी अँगडाई,

कभी वो झूठी, कभी सच्चाई,

कभी बुराई, कभी भलाई,

कभी कहानी, कभी कविताई,

उसने मेरी नींद चुराई,

इस दिल की एक चोरनी है,

वो लड़की जादूगरनी है।

चंचल चितवन मादक नूरी,

खिली-खिली सी वो पांखुरी,

नख से शिख तक लगे अँगुरी,

नैन मिलें तो चल गई छुरी,

वो मेरे जीवन की धुरी,

धड़कन उसके बिना अधूरी,

सही न जाएं उससे दूरी,

जिसकी नाभि में कस्तुरी,

प्रेम वन की एक हिरनी है,

वो लड़की जादूगरनी है।

❣❣❣❣❣❣❣❣

Title: Woh jaado garni hai || hindi kavita


मां || maa || hindi shayari

चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…

Title: मां || maa || hindi shayari