लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Enjoy Every Movement of life!
लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Zinda hum tab bhi the,
Zinda hum ab bhi hain,
Magar tab tumhaare pyaar main the,❤
Ab tumhaare intezaar main hain.💔
ज़िंदा हम तब भी थे,
ज़िंदा हम अब भी हैं,
मगर तब तुम्हारे प्यार में थे,❤
अब तुम्हारे इंतज़ार में हैं.💔
Kaid mein guzregi jo umar bade kaam ki thi,
Par mein kya karta ke zanzeer tere naam ki thi.💕
क़ैद में गुज़रेगी जो उम्र बड़े काम की थी,
पर मैं क्या करता कि ज़ंजीर तेरे नाम की थी….💕