लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Enjoy Every Movement of life!
लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
ek arse baad wasal hui to use khush karne chala gya
usne duaa maangi meri maut ki, to me marne chalaa gya
एक अरसे बाद वस्ल हुई तो उसे खुश करने चला गया
उसने दुआ मांगी मेरी मौत की, तो मैं मरने चला गया
