लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
हमें सफलता से प्रेम करने की आवश्यकता है। हम सब सफलता हासिल तो करना चाहते है लेकिन दूसरों की सफलताओं से ईर्ष्या भी करते हैं। यह तो वही बात हुई कि हम सफल होने के बारे में, कामयाबी के विषय में केवल सोचते हैं कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं। वास्तव में हम दूसरों की सफलताओं से प्रेरणा लेने की तुलना में जलन की भावना से ज्यादा पीड़ित रहते हैं। नियम है सफलता ही सफलता को आकर्षित करती है। इसके लिए हमें सफलता से प्रेम करने की जरूरत है। किसी को आगे बढ़ते देख खुश होना एक सफल और संतुष्ट व्यक्ति की पहचान होती है। एक सच्चा विजेता ही दूसरे विजेता को सम्मान दे सकता हैं। इंसान के रूप में हमें जीवन को सरल और सौहार्द्र के साथ व्यतीत करने की आवश्यकता है।
हमें स्वयं ही प्रयास करना होगा कोई और हमारी सहायता नहीं कर सकता। हमें खुद को विकसित करने की आवश्यकता है।
Zindagi hun ajehe mukaam te hai
ki mainu chahun waale bahut han
par jis nu mai chainda haa oh mainu nahi chahunda
ਜਿੰਦਗੀ ਹੁਣ ਅਹਿਜੇ ਮੁਕਾਮ ਤੇ ਹੈ
ਕਿ ਮੈਨੂੰ ਚਾਹੁਣ ਵਾਲੇ ਬਹੁਤ ਹਨ
ਪਰ ਜਿਸ ਨੂੰ ਮੈ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਉਹ ਮੈਨੂੰ ਨਹੀਂ ਚਾਹੁੰਦਾ