लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Enjoy Every Movement of life!
लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
अब ना होगा तेरा साथ जिंदगी भर , रहेगा बस यही एक मलाल जिंदगी भर ।
मेरी हसरतें तेरी खुशियों में कहीं गुम हो गई , हम तलाशते रह गए जीने की वजह जिंदगी भर ।।
हाशिए पर है अब मेरे ख्वाबों की हकीकत , ख्याल भी तेरा रहा ताउम्र जिंदगी भर ।
पूछता रहा सवाल कि क्यों खुद से रूठे हैं , असर तेरी मोहब्बत का जख्म बना रहा जिंदगी भर ।।
Kuch is trah baat khatam ki humne
Acha chlo baat karte hain
Aur fir kabhi baat nhi ki humne💔
कुछ इस तरह बात खत्म की हमने
अच्छा चलो फिर बात करते है
और फिर कभी बात नही की हमने💔