
Enjoy Every Movement of life!
जब दिल में दबी उस चाहत को, उसकी यादों ने झिंझोड़ा है.. तब-तब मेरे आंसू बह निकले, जो दर्द हुआ क्या थोड़ा है..? जिस सख्स की खातिर घर - समाज, हर चीज को हमने छोड़ा है.. कैसे बताऊ ऐ दुनिया वालों, उसी सख्स ने दिल मेरा तोड़ा है.. मैं भूल उसे नहीं सकता अब, दिल बीच में बन गया रोड़ा है.. गुनेहगार तो मेरा ही दिल है, इसने ही उसे मुझसे जोड़ा है..
ਓਹਦੇ ਨਾਲ ਸੋਚੇ ਸੁਪਨੇ, ਹੋਏ ਨਾ ਪੂਰੇ,
ਓਹਦੇ ਨਾਲ ਦੇਖੇ ਖ਼ਵਾਬ, ਰਹਿ ਗਏ ਅਧੂਰੇ,
ohde naal soche supne, hoye na poore
ohde naal dekhe khawaab, reh gaye adhoore