Shayari | Latest Shayari on Hindi, Punjabi and English
Ek roz teri yaad ho jaunga || hindi shayari
Mar ke mitti mein milunga,
Khaad ho jaunga mein.
Phir khilunga saakh par,
Aabaad ho jaunga mein..
Baar baar aaunga tere najar ke saamne,
Aur phir ek roz teri yaad hojaunga mein…
मर के मिट्टी में मिलूंगा
खाद हो जाऊंगा मैं
फिर खिलूंगा साख पर
आबाद हो जाऊंगा मैं
बार बार आऊंगा तेरी नजर के सामने
और फिर एक रोज तेरी याद हो जाऊंगा मैं
Dost || hindi poetry
सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं
लेकिन इस तर्क-ए-मोहब्बत का भरोसा भी नहीं
दिल की गिनती न यगानों में न बेगानों में
लेकिन उस जल्वा-गह-ए-नाज़ से उठता भी नहीं
मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त
आह अब मुझ से तिरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं
एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं
आज ग़फ़लत भी उन आँखों में है पहले से सिवा
आज ही ख़ातिर-ए-बीमार शकेबा भी नहीं
बात ये है कि सुकून-ए-दिल-ए-वहशी का मक़ाम
कुंज-ए-ज़िंदाँ भी नहीं वुसअ’त-ए-सहरा भी नहीं
अरे सय्याद हमीं गुल हैं हमीं बुलबुल हैं
तू ने कुछ आह सुना भी नहीं देखा भी नहीं
आह ये मजमा-ए-अहबाब ये बज़्म-ए-ख़ामोश
आज महफ़िल में ‘फ़िराक़’-ए-सुख़न-आरा भी नहीं
ये भी सच है कि मोहब्बत पे नहीं मैं मजबूर
ये भी सच है कि तिरा हुस्न कुछ ऐसा भी नहीं
यूँ तो हंगामे उठाते नहीं दीवाना-ए-इश्क़
मगर ऐ दोस्त कुछ ऐसों का ठिकाना भी नहीं
फ़ितरत-ए-हुस्न तो मा’लूम है तुझ को हमदम
चारा ही क्या है ब-जुज़ सब्र सो होता भी नहीं
मुँह से हम अपने बुरा तो नहीं कहते कि ‘फ़िराक़’
है तिरा दोस्त मगर आदमी अच्छा भी नहीं
Tu na dikhe to || hindi love shayari
Tere wajood ki aahat mujhe Mehsoos hoti hai,
Kahin bhi rahoon teri Chhahat mujhe Mehsoos hoti hai,
Naa jane kese Rishta hai tere mere darmiyan,
Tu na dikhe toh Ghabrahat si Mehsoos hoti hai….💖
तेरे वजूद की आहट मुझे महसूस होती है,
कहीं भी रहूं तेरी चाहत मुझे महसूस होती है,
ना जाने कैसा रिश्ता है तेरे मेरे दरमियां,
तू ना दिखे तो घबराहट सी महसूस होती है..💖