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Shayari | Latest Shayari on Hindi, Punjabi and English

Usne chhodha aur yu chhodha || alone shayari

उसने छोड़ा और यूं छोड़ा अब मिलते नही है हम

तेरे बाद तेरे बारे में लिखते नही है हम

महफिलों में बैठ कर राज खोले होगे हमने

पर आज कल किसी दूसरे को दिखते नही है हम

Bekaar ki baate || tanhai shayari

बेकार की बाते का बेवक्त में जिक्र कर लिया

हमने तेरे बाद तेरे नाम पे एक घर लिया

अब मै तन्हाई और तेरी यादे सब साथ रहती है

हमने एक दूसरे के साथ एडजस्ट कर लिया

Khule baalo me jab || hindi shayari

आंखों में काजल , माथे पर बिंदी , खुले बालों में जब वो सामने आती है ,

मां कसम यार कुछ पल के लिए सांसे थम जाती है ❤️

और जब पास आ कर आंखों में आंखे डाल कर पूछती है कैसी लग रही हूं……………

कुछ बोल नही पाता पर यारों जान निकल जाती है। ❤️❤️

Intezaar maine kabhi || Mere liyaa shayari

इंतजार मैंने कभी उसका किया नहीं, वो ही थी जो करती थी..
मैं डरता था दुनिया से, वो एक ही मुझसे डरती थी..
ऐसा नहीं के खौफ में थी, बस प्यार वो मुझसे करती थी..
वो एक ही थी, वो एक ही है, जो मेरे लिए बस मरती थी..

Kis adha me uski jaadu hai || dard shayari

किस अदा में उसकी जादू है, ये कहना थोड़ा मुश्किल है..
उन आँखों ने जो दर्द दिया, वो सहना थोड़ा मुश्किल है..
झूठे प्यार की लहरों में उसकी, मेरा बहना थोड़ा मुश्किल है..
उसके दिल में ना जाने कित-नों की जगह है, मेरा रहना थोड़ा मुश्किल है..

Unke chehre ki hansi par nazar || sad shayari

उनके चेहरे की हंसी पर नजर मेरी तब पड़ी, जब शहर में मेरा आना हुआ..
अब उनके चेहरे पर ही रहती है ये हर घड़ी, और उनका मुझे देख शर्माना हुआ..
मेरी नज़रों पे उनकी नज़रों ने लगाई ऐसी हथ-कडी, ना फिर मेरा कभी घर जाना हुआ..
अब नज़रों से सिर्फ वही देखते हैं, जो वो दिखाती है, ना जाने भरा ये हमने, कैसा हर-ज़ाना हुआ..

Kai baar khyaal bure || hindi shayari

कई बार ख्याल बुरे सपनों का खुद-को, जगा-कर मिटा लिया..
गर लगी चोट तो निशानों पर मरहम, लगाकर मिटा लिया..
वो दाग तो मिट गए, जिन जख्मों का असर कम था..
कुछ दर्द शराब से और कुछ को अपने शब्दों से गा कर मिटा लिया..

Har kadam par dhokhaa kha kar mera dil || hindi shayari dil se

हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..