
G Karda
teriyaan yaada di tapdi ret vich tur jawan
har kadam kadam vich maas chhilawan
te naina de loone piniyaan vich khur jawan

G Karda
teriyaan yaada di tapdi ret vich tur jawan
har kadam kadam vich maas chhilawan
te naina de loone piniyaan vich khur jawan
na jjane kaisaa manzar hoga
jab tera kisi se sangam hoga
dil ke sau tukdhe honge
jab tere ghar ke samne se guzar rahe honge
ਨਾ ਜਾਣੇ ਕੈਸਾ ਮੰਜ਼ਰ ਹੋਗਾ,,
ਜਬ ਤੇਰਾ ਕਿਸੀ ਸੇ ਸੰਗਮ ਹੋਗਾ ।
ਦਿਲ ਕੇ ਸੌ ਟੁਕੜੇ ਹੋਂਗੇ,,
ਜਬ ਤੇਰੇ ਘਰ ਕੇ ਸਾਮਣੇ ਸੇ ਗੁਜ਼ਰ ਰਹੇ ਹੋਂਗੇ
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…