Peedhan de daur vicho langhe hoye haan..!!
Sadi khushi gam tere naal vassan sajjna
Asi tereyan ranga de vich range hoye haan..!!
इन मजिलों से ज़्यादा मयस्सर कोई नहीं,
मेरे रास्तों से ज़्यादा हमसफर कोई नहीं,
बुझती नहीं अब प्यास इस समंदर से भी,
इस प्यास से ज़्यादा समंदर कोई नहीं…🍂
हर दिन वही सूरज निकलता है,
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp