Peedhan de daur vicho langhe hoye haan..!!
Sadi khushi gam tere naal vassan sajjna
Asi tereyan ranga de vich range hoye haan..!!
उसके चेहरे में कई राज छुपे हैं, घबराती है बताने से..
कभी बेखौफ करे इजहार कभी, डरे जज्बात जताने से..
कभी आँखों से हटने नहीं देती, कभी फ़र्क नी पड़ता जाने से..
कभी मारने पर हंस पडती है, कभी रोये हाथ लगाने से..
कभी-कभी वो बाज नहीं आती, बेमतलब प्यार लुटाने से..
कभी लगे ना जाने कैसा प्यार है, भर देती दिल वो ताने से..
कभी-कभी वो घबरा जाती है, मुझे अपने पास बुलाने से..
कभी-कभी नहीं थकती वो अपनी, पलकों पे मुझे झूलाने से..
कभी दूर मुझसे है हो जाती, अचानक किसी के आने से..
कभी लड़ पड़ती मेरा हाथ पकड़ कर, मेरे लिए वो भरे जमाने से..
कभी परेशान हो जाता उसके, बेमतलब के शर्माने से..
कभी मुश्किल में फंस जाता हूं, परदा भी उसे कराने से..
अब तो मुझे भी डर है उसके, अचानक ही मुस्कुराने से..
क्या सबकी जिंदगी में है कोई ऐसा, या मेरी ही अलग है जमाने से..
Na manzil da pta e
Na pta e zindagi de rahwan da
Bhrosa fakira da Na Kari ve sajjan
Sanu khud nahi pta kado chale Jane eh musafir sahwan da..!!
ਨਾ ਮੰਜ਼ਿਲ ਦਾ ਪਤਾ ਐ
ਨਾ ਪਤਾ ਐ ਜਿੰਦਗੀ ਦੇ ਰਾਹਵਾਂ ਦਾ
ਭਰੋਸਾ ਫ਼ਕੀਰਾਂ ਦਾ ਨਾ ਕਰੀਂ ਵੇ ਸਜਣ
ਸਾਨੂੰ ਖ਼ੁਦ ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਕਦੋਂ ਚਲੇ ਜਾਣੇਂ ਏਹ ਮੁਸਾਫ਼ਿਰ ਸਾਹਵਾਂ ਦਾ..!!