Dheere dheere raat ho rhi hai
Aankho mein yaado ki barsat ho rhi hai
Dil kehta hai ki tum pass ho
Frr bhi milne ki aas ho rhi hai..
धीरे धीरे रात हो रही है
आंखों में यादों की बरसात हो रही है
दिल कहता है कि तुम पास हो
फिर भी मिलने की आस हो रही है..
Dheere dheere raat ho rhi hai
Aankho mein yaado ki barsat ho rhi hai
Dil kehta hai ki tum pass ho
Frr bhi milne ki aas ho rhi hai..
धीरे धीरे रात हो रही है
आंखों में यादों की बरसात हो रही है
दिल कहता है कि तुम पास हो
फिर भी मिलने की आस हो रही है..
ਮਨਦਾ ਨਹੀਂ ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਤੈਨੂੰ ਚਾਹੁੰਦਾ ਏ ਬੜਾ
ਤੂੰ ਦਿਲ ਦੀ ਬਾਰੀ ਖੌਲ ਕੇ ਤਾਂ ਵੇਖ
ਮੁੰਡਾ ਅਜੇ ਵੀ ਓਥੇ ਦਾ ਓਥੇ ਖੜਾ
man da nahi dil mera tainu chanda e bada
tu dil di baari khol k tan vekh
munda ajhe v othe da othe khada
तन पर खराब पुराने कपड़े होते हैं,
पैर मिट्टी में पूरी तरह सने होते हैं,
कड़ी सुलगती धूप में काम करते हैं जो,
ये कोई और नहीं सिर्फ किसान है वो,
धरती की छाती हल से चीर देते हैं,
हमारे लिए अन्न की फसल उगा देते हैं,
किसान अपनी फसल से बहुत प्यार करते हैं,
गरमी, सरदी, बरसात में जूझते रहते हैं,
मान लेते हैं की किसान बहुत गरीब होते हैं,
हमारी थाली में सजा हुआ खाना यही देते हैं,
इनके बिना हमें अनाज कभी मिल नहीं पाता,
दौलत कमा लेते पर कभी पेट न भर पाता,
भूमि को उपजाऊ बनाने वाले किसान है,
हमारे भारत का मान, सम्मान और शान हैं,
ये सच्ची बात सब अच्छे से जानते हैं,
किसान को हम अपना अन्नदाता मानते हैं,
हम ये बात क्यों नहीं कभी सोचते हैं,
गरीब किसान अपना सब हमें देते हैं,
हम तो पेट भर रोज खाना खा लेते हैं,
किसान तो ज्यादतर खाली पेट सोते हैं,
तरुण चौधरी