MAGRUR NAHI HAI HUM
BUS PAGAL HAI KISI KE PYAR MAIN
GALATFAHMI THI HAME VO TO
FAYADA DHUNDHTE RAHE HAMARI IBADAT MAIN-AMRUTA
MAGRUR NAHI HAI HUM
BUS PAGAL HAI KISI KE PYAR MAIN
GALATFAHMI THI HAME VO TO
FAYADA DHUNDHTE RAHE HAMARI IBADAT MAIN-AMRUTA

Chen gawayiaa, bulaan de haase gawye
mere kol hun kujh ni bachiyaaa
sirf ehna nakami lakeeran ton siwaaye
आदमी कैसे है, चेहरा देख के पता लगता।
बातें सुन के लगता है मैं सही तालाब का पानी पीता।
…
बातें करके, बातें सुन के, समय बर्बाद मत करो।
काम पे लगे रहो, ज़िंदगी में कुछ करो।
…
रोटी आग में फूल जाते है।
ज़िंदगी रोटी की तरह- प्रेरणा उसमें प्राण भरते है।
…
सुविधा अगर एक बार मिल गए, तो ज़िंदगी भर उसे पाने के लिए दौड़ेगा इंसान।
वह एक ऐसा चीज है, जो मेहनती को बनाता है अकर्मण्य और ईमानदार को बेईमान।
…
सुविधा मृत्यु से भी भयानक।
एक बार मिल जाये, तो समझलो आपके प्रतिभा को खा जायेगा कोई घातक।
…
आग बुझ जाती है, लेकिन प्यार कभी नहीं।
वायरस भी प्यार की तरह, डेल्टा या ओमिक्रोण, मौजूद सही।
…
हमेशा मुख बंद रखो, युद्ध नहीं होगा।
यह सच्चाई फिर से कोविड ने सिखाया।
…