MAGRUR NAHI HAI HUM
BUS PAGAL HAI KISI KE PYAR MAIN
GALATFAHMI THI HAME VO TO
FAYADA DHUNDHTE RAHE HAMARI IBADAT MAIN-AMRUTA
MAGRUR NAHI HAI HUM
BUS PAGAL HAI KISI KE PYAR MAIN
GALATFAHMI THI HAME VO TO
FAYADA DHUNDHTE RAHE HAMARI IBADAT MAIN-AMRUTA
बड़ी मुश्किल है ये ज़िन्दगी….
यही तो गम है , जिसको संजोए रहता हूँ
जिनसे उम्मीद है , नाउम्मीद उन्हीं से रहता हूँ
कहनेको खुशियाँ हैं , दामन में बेशुमार मेरे
एक भी नहीं मिलती , जब दिल को टटोलता हूँ
कैसे साहिल तक , कश्ती को ले जाऊँ
टूट गया है सागर बीच , चप्पू मेरी नाव का
हवाएं संकेत देतीं हैं , आनेवाले तुफ़ा का
कहीं सपना अधूरा न रह जाए , किनारों का
बड़ी मुश्किल है ये ज़िन्दगी
लोग जाने यहाँ कैसे जीतें हैं
हमने तो जबभी सुकून ढ़ूंढ़ा
कशमकश के फ़साने मिलतें हैं
जरासी खुशी देकर , ज़िन्दगी लूट लेती है
अपने आकर्षण में फ़साके , गम खूब देती है
न रह पातें हैं , न निकल पातें हैं इससे
जाने कितनें जनमों का , ये हिसाब लेती है
कोई कुछ भी कहे , सभी इसी के मारें हैं
मरतें हैं कई बार , जीतें सांसों के सहारे हैं
इक दिन चुपके से चलेजातें हैं
क्या पाया क्या खोया , शुन्य में ये भी न जान पातें हैं
Oh yaadan de vich mehakda e
Oh khuaban de vich jhalkada e😇..!!
Oh hawawan vich mauzood hai
Dil vich ohi dhadkda e❤️..!!
ਉਹ ਯਾਦਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਹਿਕਦਾ ਹੈ
ਉਹ ਖੁਆਬਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਝਲਕਦਾ ਹੈ😇..!!
ਉਹ ਹਵਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਮੌਜ਼ੂਦ ਹੈ
ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਓਹੀ ਧੜਕਦਾ ਹੈ❤️..!!