MAGRUR NAHI HAI HUM
BUS PAGAL HAI KISI KE PYAR MAIN
GALATFAHMI THI HAME VO TO
FAYADA DHUNDHTE RAHE HAMARI IBADAT MAIN-AMRUTA
MAGRUR NAHI HAI HUM
BUS PAGAL HAI KISI KE PYAR MAIN
GALATFAHMI THI HAME VO TO
FAYADA DHUNDHTE RAHE HAMARI IBADAT MAIN-AMRUTA
जाते जाते एक उम्दा तालीम दे गया, वो मुसाफिर, खुदकी तलाश में घर से निकल गया, वो मुसाफिर, सोचा साथ जाऊं मैं भी, पर जाऊंगा कहां, जा चुका होगा मीलों दूर, उसे पाऊंगा कहां, इसी सोच में रात हुई, नींद का झोंका आ गया, सुबह आंखे खुली तो सोचा, क्या वो मौका आज आ गया ? के चला जाऊं सबसे इतना दूर के कुछ ना हो, गहरी नींद में बेड़ियां मिले पर सचमुच ना हो, सच हो तो बस आसमां में परिंदो सी उड़ान हो, चाहूंगा हर सितमगर का बड़ा सा मकान हो, वहां आवाज़ देकर झोली फैलाएगा वो मुसाफिर, तुम्हे देख भीगी पलकें उठाएगा वो मुसाफिर, मोहब्बत से एक रोटी खिलाकर देखना तुम, शोहरत से दामन भर जाएगा वो मुसाफिर...
Jeet hasil karni ho to kabiliyat bdhayo
Kismat ki roti to kutto ko bhi mila karti hai🙌
जीत हासिल करनी हो तो क़ाबिलियत बढ़ाओ
क़िस्मत की रोटी तो कुत्तों को भी मिला करती है🙌