main apanee chaahaton ka hisaab karane jo beth jaoo,
tum to sirph mera yaad karana bhee na lota sakoge….
मैं अपनी चाहतों का हिसाब करने जो बेठ जाऊ,
तुम तो सिर्फ मेरा याद करना भी ना लोटा सकोगे…
main apanee chaahaton ka hisaab karane jo beth jaoo,
tum to sirph mera yaad karana bhee na lota sakoge….
मैं अपनी चाहतों का हिसाब करने जो बेठ जाऊ,
तुम तो सिर्फ मेरा याद करना भी ना लोटा सकोगे…

Nainaa de athru paun osiyaan
gallan te maar maar leekan
dil chandra teri yaad ch baitha
teriyaan ajh v kare udeekan
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”