ਮਨ ਵਿੱਚ ਮੈਂਲ ਤੇ ਉਤੋਂ ਉਤੋਂ ਚੰਗੇ ਹੋਣ ਦਾ ਦਿਖਾਵਾ ਕਰਨਾ…..
ਇਹ ਚਲਾਕੀਆਂ ਓਹਦੇ ਦਰ ਤੇ ਨੀ ਕਬੂਲ ਹੁੰਦੀਆਂ …
man vich mail te uto uto change hon da dikhawa karna
eh chalakiyaa ohde dar te ni kabool hundiyaa
ਮਨ ਵਿੱਚ ਮੈਂਲ ਤੇ ਉਤੋਂ ਉਤੋਂ ਚੰਗੇ ਹੋਣ ਦਾ ਦਿਖਾਵਾ ਕਰਨਾ…..
ਇਹ ਚਲਾਕੀਆਂ ਓਹਦੇ ਦਰ ਤੇ ਨੀ ਕਬੂਲ ਹੁੰਦੀਆਂ …
man vich mail te uto uto change hon da dikhawa karna
eh chalakiyaa ohde dar te ni kabool hundiyaa
तेरे इश्क में इस तरह नीलाम हो जाऊँ,
आखरी हो तेरी बोली और में तेरे नाम हो जाऊ
Tere ishq me is tarah neelam ho jau
aakhri ho teri boli aur me tere naam ho jau
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,
मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…