ਮਨ ਵਿੱਚ ਮੈਂਲ ਤੇ ਉਤੋਂ ਉਤੋਂ ਚੰਗੇ ਹੋਣ ਦਾ ਦਿਖਾਵਾ ਕਰਨਾ…..
ਇਹ ਚਲਾਕੀਆਂ ਓਹਦੇ ਦਰ ਤੇ ਨੀ ਕਬੂਲ ਹੁੰਦੀਆਂ …
man vich mail te uto uto change hon da dikhawa karna
eh chalakiyaa ohde dar te ni kabool hundiyaa
ਮਨ ਵਿੱਚ ਮੈਂਲ ਤੇ ਉਤੋਂ ਉਤੋਂ ਚੰਗੇ ਹੋਣ ਦਾ ਦਿਖਾਵਾ ਕਰਨਾ…..
ਇਹ ਚਲਾਕੀਆਂ ਓਹਦੇ ਦਰ ਤੇ ਨੀ ਕਬੂਲ ਹੁੰਦੀਆਂ …
man vich mail te uto uto change hon da dikhawa karna
eh chalakiyaa ohde dar te ni kabool hundiyaa
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।
ਇਹ ਦਿਲ ਤਾਂ ਉਸ ਪੰਛੀ ਦੀ ਉਡੀਕ ਕਰਦਾ
ਜੋ ਆਲ੍ਹਣਾ ਤਾਂ ਪਾ ਗਿਆ
ਪਰ ਰਹਿਣਾ ਭੁੱਲ ਗਿਆ
eh dil taan us panchhi di udeek karda
jo aalna tan paa gya par rehna bhul gya