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Manzil abhi door hai || hindi shayari

Bas chlta hun apni raah mein,
Kuch manzil mila nahi karti..
Khamosh hun logo ki afwah se,
Duayein lafzon se gila nahi karti
Chal raha hun baste mein kaanto ko lekar
Jalti dhup paav ke chale sila nhi karti
Thoda ziddi hun is baat ka garoor hai
Kaise ruk jaun beech mein manzil abhi door hai…🙌

बस चलता हूं अपनी राह में,
कुछ मंज़िल मिला नहीं करती…
ख़ामोश हूं लोगो की अपवाह से,
दुआएं लफ़्ज़ों से गिला नहीं करती…
चल रहा हूं बस्ते में कांटों को लेकर,
जलती धूप पांव के छाले सिला नहीं करती…
थोड़ा ज़िद्दी हूं इस बात का गुरूर है,
कैसे रुक जाऊं बीच में मंज़िल अभी दूर है…🙌

Title: Manzil abhi door hai || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Hindi shayari || beautiful lines

गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला
बंदों का हुज़ूम था,खुदा ना मिला
ज़िस्म ना मिले,तो क्या हुआ यार
वो दिल से कभी, जुदा ना मिला
परिंदों के जैसा था, इश्क़ उसका
कोई वादा, कोई वास्ता ना मिला
ऐसे हुआ दिल पर,कब्ज़ा उसका
धड़कनों को भी, रास्ता ना मिला
उसके शाहपरस्त भी हैं,बादशाह
कोई भी पत्थर,तरास्ता ना मिला🍂

Title: Hindi shayari || beautiful lines


दबी आवाज़ || bikhre hua shabad shayari in hindi

बिखरे हुए हैं शब्द मेरे, जैसे एक टूटा हुआ साज हूँ,
नि:शब्द हूँ मैं जैसे एक दबी आवाज़ हूँ ,
लिख रहा हूँ मैं अपना दर्द स्याही में,
जैसे कोई अनकही बात हूँ ,
लोगों ने करी है मेरी तारीफ़ें, जैसे मै उनके सर का ताज हूँ ,
नज़रें थी तेज मेरी इस कदर, जैसे मै बाज़ हूँ ,
बीता वो कल जिसमें मिले धोखे मुझे, आज बीता कल भी तरस खाता है मुझपे, जो मैं आज हूँ,
शांत हूँ मैं इन चालाकों के झुंड में, क्यूँकि मैं आने वाले तूफ़ान का आग़ाज़ हूँ ,
जो थे मेरे साथ जब अकेला था मैं, मैं आने वाले कल में भी उनके साथ हूँ ,
और जो सोचते थे कि गिरूँगा मैं लड़खड़ाते हुए ज़िंदगी में, उनके लिए एक बुरा ख़्वाब हूँ ,
सपनो को अपने मैं लेकर उडूँगा एक दिन,
जैसे हवा को चीरता हुआ जहाज़ हूँ ,
पर फ़िलहाल बिखरा हुआ शब्द हूँ, एक टूटा हुआ साज हूँ ।।

Title: दबी आवाज़ || bikhre hua shabad shayari in hindi