Garmi ka mausam…
Aur tera kehar uspar…
Mar na jaye kahin hm tere bankar…😍
गर्मी का मौसम…
और तेरा कहर उसपर…
मर न जाएं कहीं हम तेरे बनकर…😍
Enjoy Every Movement of life!
Garmi ka mausam…
Aur tera kehar uspar…
Mar na jaye kahin hm tere bankar…😍
गर्मी का मौसम…
और तेरा कहर उसपर…
मर न जाएं कहीं हम तेरे बनकर…😍
जो भी दुख याद न था याद आया; आज क्या जानिए क्या याद आया; याद आया था बिछड़ना तेरा; फिर नहीं याद कि क्या याद आया; हाथ उठाए था कि दिल बैठ गया; जाने क्या वक़्त-ए-दुआ याद आया; जिस तरह धुंध में लिपटे हुए फूल; इक इक नक़्श तेरा याद आया; ये मोहब्बत भी है क्या रोग जिसको भूले वो सदा याद आया।
