Garmi ka mausam…
Aur tera kehar uspar…
Mar na jaye kahin hm tere bankar…😍
गर्मी का मौसम…
और तेरा कहर उसपर…
मर न जाएं कहीं हम तेरे बनकर…😍
Enjoy Every Movement of life!
Garmi ka mausam…
Aur tera kehar uspar…
Mar na jaye kahin hm tere bankar…😍
गर्मी का मौसम…
और तेरा कहर उसपर…
मर न जाएं कहीं हम तेरे बनकर…😍
ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो