हर ख़ुशी में हर गम में आपका साथ हो
मेरे भाई तुम पापा के सर ताज हो
सभी बहनों की खुशियों का तुम ही एक राज हो
तुम ही तो रक्षाबन्धन (राखी) की लाज हो
वैसे तो पत्थर की तराह कठोर हो
लेकिन पर मुसीबत आने पर मोम की तरह पिघलते हो |
कैसे जाने बिन बताये मन की बात कैसे जान लेते हो
बहनों की परेशानीयों को अपनी मान लेते हो
हर ख़ुशी में हर गम में आपका साथ हो
मेरे भाई तुम पापा के सर ताज हो
तू बन दूध सा कोरा , मै बन पत्ती तुझमें मिल जाऊंगी
तू बन इत्र सा मेरा , में हवा बन घुल जाऊंगी
आएगा जो जिक्र तेरा , मै लाली लाके सरमाऊंगी
तू बन के आना बारिश , मै रंगों सी बिखर जाऊंगी।❤️