“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Kujh kehna vi othe changa lagda e
Jithe agla sunan vala te samjhan vala howe
Na samjhe lokan agge shabad viakat karna viarth e..!!
ਕੁਝ ਕਹਿਣਾ ਵੀ ਓਥੇ ਚੰਗਾ ਲੱਗਦਾ ਏ
ਜਿੱਥੇ ਅਗਲਾ ਸੁਣਨ ਵਾਲਾ ਤੇ ਸਮਝਣ ਵਾਲਾ ਹੋਵੇ
ਨਾ ਸਮਝੇ ਲੋਕਾਂ ਅੱਗੇ ਸ਼ਬਦ ਵਿਅਕਤ ਕਰਨਾ ਵਿਅਰਥ ਏ..!!
