“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
हजार बार माफ किया तुमने एक आखिरी दफा भी कर दो ना
दिल वीरान हो गया है तेरे जाने से एसे भर दो ना
तेरी खामोशिया पल-पल मारेगी मुझे
अपना समझ ही फिर अपना कर दो ना
लाख बुरा हूँ चाहे मैं
पर हूँ तो तेरा समझो ना ….. एक आखिरी दफा माफ करो दो ना ।
तुझसे दूर जाऊ भी तो जाऊ कैसे टूजसे मेरी रूह जुड़ गयी है
तुझे नाराज करके मेरी रूह मेरे जिस्म से उड़ गयी है ,
अपने गले लगा के कह दे की तू मेरी है
तुझे फिर देखने को मेरी आँख तरस गयी है ।
ਸੂਰਤ ਤੱਕ ਲਈ ਸੀ
ਸੀਰਤੋਂ ਅਪਾਹਿਜ ਸੀ
ਸ਼ਬਾਬ ਸਿਖਰ ਤੇ ਸੀ
ਧੋਖਾ ਰਾਇਜ ਸੀ
ਨੈਣਾ ਮੂਹਰੇ ਰਹੇ ਉਹ
ਬਸ ਏਨੀ ਖਵਾਇਸ਼ ਸੀ
ਮੁਹਾਬੱਤ ਕੀਤੀ ਸੀ
ਮਾਯੂਸੀ ਜਾਇਜ ਸੀ