“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Enjoy Every Movement of life!
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
कोई खास नही,
पर है अपनो सा लगाव
नाम नही इस रिश्ता का,
मगर प्यार है बेहिसाब
खुशी छोटी ही क्यों न हो,
मगर जश्न का ना है हिसाब
गैरो के गम को भी अपना बनाकर
ये भी करते है विलाप
मुश्किल कितनी ही बड़ी क्यो न हो,
रहती हमेशा दिल में एक आश
कोई साथ हो या न हो
बस ये दोस्त ही है जो रहते है हमेशा साथ
ये दोस्त भी क्या लाज़वाब होते है,
और इनकी दोस्ती भी उतनी ही लाजवाब❤️
