“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Enjoy Every Movement of life!
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
kal raat kalam fad me
ek tasveer bnaunda reha
fir kisse di yaad vich me
saari raat raunda reha
ਕੱਲ ਰਾਤ ਕਲਮ ਫੜ ਮੈਂ
ਇਕ ਤਸਵੀਰ ਬਣਾਉਂਦਾ ਰਿਹਾ
ਫਿਰ ਕਿਸੇ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿੱਚ ਮੈਂ
ਸਾਰੀ ਰਾਤ ਰੌਂਦਾ ਰਿਹਾ
