“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Enjoy Every Movement of life!
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Apni zindagi de mehal de m rani c,
Tu kitha aa dera la laya ,
Zindagi meri ch tu enj aya ,
Jive koi parinda mera mehal ch aake ghr bnaa gya,
