“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Mil ni sakde par milna tan chahunde hone aa,
likh ke de sakde aa yaad tan karde hone aa
ਮਿਲ ਨੀ ਸਕਦੇ ਪਰ ਮਿਲਣਾ ਤਾਂ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋਣੇ ਆਂ,
ਲਿਖ ਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਆਂ ਯਾਦ ਤਾਂ ਕਰਦੇ ਹੋਣੇ ਆਂ…