“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Enjoy Every Movement of life!
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
दिल में उजाले थे, पर आँखों में अंधेरा है,
ज़िन्दगी की राहों में तन्हाईयों का फेरा है।
खोये हुए सपनों की रेखाएं हैं यहाँ,
हंसते हुए चेहरों के पीछे आहों का देरा है।💔
Teri baat ko Khamoshi se Maan lena
Ye bhi andaaz hai meri narazgi ka💜
तेरी बात को खामोशी से मान लेना
ये भी अंदाज़ है मेरी नाराज़गी का💜