“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Enjoy Every Movement of life!
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
bahuteyaa nu apna banaun di chahat nahi saanu
bas apne , apne bane rehn ehi bahut e
ਬਹੁਤਿਆ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਚਾਹਤ ਨਹੀ ਸਾਨੂੰ..
ਬਸ ਆਪਣੇ,ਆਪਣੇ ਬਣੇ ਰਹਿਣ ਏਹੀ ਬਹੁਤ ਏ..
Duniyan nu meri haqiqat
bare pata v nai
ilzaam hazaaran ne
te galti ik v nai
ਦੁਨੀਆ ਨੂੰ ਮੇਰੀ ਹਕੀਕਤ
ਬਾਰੇ ਪਤਾ ਵੀ ਨਹੀਂ
ਇਲਜ਼ਾਮ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਨੇ
ਤੇ ਗਲਤੀ ਇਕ ਵੀ ਨਹੀਂ