“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Pita duniya ki vo hasti hai jiska hath dhoop me chav aur pani me nav ke smaan hai.💯
पिता दुनिया की वो हस्ती है जिसका हाथ धूप में छांव और पानी में नाव के समान है। 💯
mera hath fadke je rooh teri, meri rooh de naal chaldi ae..
rishta nyi ae haniye jisman da, ishqe di agg sine’ch baldi ae..
hoya ki je ek ni kite, iss janam ch assi mukaddaran ne..
agla janam assi apne layi rakhya, appa nu kedi jaldi ae..