“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Enjoy Every Movement of life!
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
दिवाने हो गये तुम भी दिवाने हो गये हम भी!
पुराने हो गये तुम भी पुराने हो गये हम भी!
एक मुद्दत हुई जब तुमने मेरा साथ छोडा था!
जमाने हो गये तुम भी जमाने हो गये हम भी!!
हर्ष
Asin tan khud aapniyaan mehflan diyaan
tahniyaan chhang aaye
tel unde hoye v khushi te diwe bujaa aye
ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਖੁਦ ਆਪਣੀਆਂ ਮਹਿਫਲਾਂ ਦੀਆਂ
ਟਾਹਣੀਆਂ ਛਾਂਗ ਆਏ
ਤੇਲ ਹੁੰਦੇ ਹੋਏ ਵੀ ਖੁਸ਼ੀ ਦੇ ਦੀਵੇ ਬੁਝਾ ਆਏ