“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Enjoy Every Movement of life!
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Khayalon ke kafile kuch is kadar gehre the,
Kal fir karwaton ne sari raat sone na diya🙃💯
ख्यालों के काफिले कुछ इस कदर गहरे थे,
कल फिर करवटों ने सारी रात सोने न दिया।🙃💯
ज्यादा सोचना ये एक बिमारी है और,
मन की बात कहना उसकी दवाई..
Jyada sochna ye ek bimari hai aur,
Man ki bat kahana uski dawai…