“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”
Enjoy Every Movement of life!
“मरहम लगा, दर्द कम हुआ, निशान फिर भी रह गए..
चुकाया दाम हकीमा को, एहसान फिर भी रह गए..
ये जख्मी दिल जा बैठा, दवा लगाने वाली की गोद में..
कमबख्त शादी की, ना जानवर बने, ना इंसान ही रह गए…।”

Jehra chadyaa e suraj
uhne dubna e jaroor
kahda maan karda ve
mukna hai tu ek din jaroor
ਜਿਹੜਾ ਚੜਿਆ ਏ ਸੂਰਜ਼
ਉਹਨੇ ਡੁਬਣਾ ਏ ਜ਼ਰੂਰ
ਕਾਹਦਾ ਮਾਣ ਕਰਦਾ ਵੇ
ਮੁਕਣਾ ਹੈ ਤੂੰ ਇਕ ਦਿਨ ਜ਼ਰੂਰ