raati supne ch me aapni maut dekhi
tu nazar ni aaeya mainu ron aaeleyaa ch
ਰਾਤੀ ਸੁਪਨੇ ਚ ਮੈਂ ਆਪਣੀ ਮੌਤ ਦੇਖੀ👀
ਤੂੰ ਨਜ਼ਰ ਨੀ ਆਇਆ ਮੈਨੂੰ ਰੋਣ ਆਲਿਆ ਚ😭
raati supne ch me aapni maut dekhi
tu nazar ni aaeya mainu ron aaeleyaa ch
ਰਾਤੀ ਸੁਪਨੇ ਚ ਮੈਂ ਆਪਣੀ ਮੌਤ ਦੇਖੀ👀
ਤੂੰ ਨਜ਼ਰ ਨੀ ਆਇਆ ਮੈਨੂੰ ਰੋਣ ਆਲਿਆ ਚ😭
Apno ki kushi keliye dur baghna hai toh woh bhi karenge baas akele hum hojayenge jiska kisiko pada nai hai waise bhi yaha kaun apna kaun paraya ek din toh jana hai jannat ki talash mein. jaan mith jake bhi rehenge uss farishthe ka intezaar baas yeh intezaar mein katt jayega mera jaan baas itna yaadh rahe akele jeena hai aur akele marna.
दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।