Main Apni Raah Alag Khud Banake Chalta hoon
Wo Aur Honge Jo Naqshe Qadam Pe Chalte Hain.
Rekhta Pataulvi
Main Apni Raah Alag Khud Banake Chalta hoon
Wo Aur Honge Jo Naqshe Qadam Pe Chalte Hain.
Rekhta Pataulvi
डाल हिलाकर आम बुलाता तब कोयल आती है। नहीं चाहिए इसको तबला, नहीं चाहिए हारमोनियम, छिप-छिपकर पत्तों में यह तो गीत नया गाती है! चिक्-चिक् मत करना रे निक्की, भौंक न रोजी रानी, गाता एक, सुना करते हैं सब तो उसकी बानी। आम लगेंगे इसीलिए यह गाती मंगल गाना, आम मिलेंगे सबको, इसको नहीं एक भी खाना। सबके सुख के लिए बेचारी उड़-उड़कर आती है, आम बुलाता है, तब कोयल काम छोड़ आती है।
Na dosti Mili na pyar Mila
Humein to bas Intezaar mila😇
Logo ko Mila hoga insano mein khuda
Humein to har shakhas bekaar mila🙃
ना दोस्ती मिली ना प्यार मिला
हमें तो बस इंतजार मिला😇
लोगो को मिला होगा इंसानों में खुदा
हमें तो हर शख्स बेकार मिला🙃