K tun khush reha kar
Main udaas hi thik haan
Tun bnaaa yaar apni zindagi
Main barbaad hi thik haan
Enjoy Every Movement of life!
K tun khush reha kar
Main udaas hi thik haan
Tun bnaaa yaar apni zindagi
Main barbaad hi thik haan
मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है।।
वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है।
वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा।
तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है।।
