Jis nu “me” di hawa laghi
usnu fer na dawa lagi te na dua lagi
ਜਿਸ ਨੂੰ “ਮੈਂ” ਦੀ ਹਵਾ ਲੱਗੀ,
ਉਸਨੂੰ ਫੇਰ ਨਾ ਦਵਾ ਲੱਗੀ ਤੇ ਨਾ ਦੁਆ ਲੱਗੀ..
Jis nu “me” di hawa laghi
usnu fer na dawa lagi te na dua lagi
ਜਿਸ ਨੂੰ “ਮੈਂ” ਦੀ ਹਵਾ ਲੱਗੀ,
ਉਸਨੂੰ ਫੇਰ ਨਾ ਦਵਾ ਲੱਗੀ ਤੇ ਨਾ ਦੁਆ ਲੱਗੀ..

तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…