Jis nu “me” di hawa laghi
usnu fer na dawa lagi te na dua lagi
ਜਿਸ ਨੂੰ “ਮੈਂ” ਦੀ ਹਵਾ ਲੱਗੀ,
ਉਸਨੂੰ ਫੇਰ ਨਾ ਦਵਾ ਲੱਗੀ ਤੇ ਨਾ ਦੁਆ ਲੱਗੀ..
Jis nu “me” di hawa laghi
usnu fer na dawa lagi te na dua lagi
ਜਿਸ ਨੂੰ “ਮੈਂ” ਦੀ ਹਵਾ ਲੱਗੀ,
ਉਸਨੂੰ ਫੇਰ ਨਾ ਦਵਾ ਲੱਗੀ ਤੇ ਨਾ ਦੁਆ ਲੱਗੀ..
बिछड़ के मुझसे, इन गलियों में कितनी दूर जाओगे...
परवानों की बस्ती है, जहां जाओगे मुझे हर जगह पाओगे...
गुज़रा पल, मीठी बातें और वो हसीन शामें सब बुलाते हैं तुम्हे...
इक झूठ ही सही बस कहदो के तुम कल आओगे,
इंतज़ार करना पसंद नहीं पर, मेरी नज़रें राहों पर टिकी हैं...
पता है मुझे रास्ता बदल गया तुम्हारा लेकिन, दिलासा दिए बैठा हूं के तुम कल आओगे...
