Me miln atinu us duniyaa ch
jithe mil ke vichhdan da koi riwaaz na howe
ਮੈਂ ਮਿਲਣਾ ਤੈਨੂੰ ਉਸ ਦੁਨੀਆ ਚ,
ਜਿੱਥੇ ਮਿਲ ਕੇ ਵਿਛੜਨ ਦਾ ਕੋਈ ਰਿਵਾਜ ਨਾ ਹੋਵੇ
Me miln atinu us duniyaa ch
jithe mil ke vichhdan da koi riwaaz na howe
ਮੈਂ ਮਿਲਣਾ ਤੈਨੂੰ ਉਸ ਦੁਨੀਆ ਚ,
ਜਿੱਥੇ ਮਿਲ ਕੇ ਵਿਛੜਨ ਦਾ ਕੋਈ ਰਿਵਾਜ ਨਾ ਹੋਵੇ
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी
Na oh kal auna, jisnu me udeek reha
na ohne mudh ke auna, jis lai me udeek reha
ਨਾ ਉਹ ਕੱਲ ਆਉਣਾ, ਜਿਸਨੂੰ ਮੈਂ ਉਡੀਕ ਰਿਹਾ
ਨਾ ਉਹਨੇ ਮੁੜ ਕੇ ਆਉਣਾ, ਜਿਸ ਲਈ ਮੈਂ ਉਡੀਕ ਰਿਹਾ