Me miln atinu us duniyaa ch
jithe mil ke vichhdan da koi riwaaz na howe
ਮੈਂ ਮਿਲਣਾ ਤੈਨੂੰ ਉਸ ਦੁਨੀਆ ਚ,
ਜਿੱਥੇ ਮਿਲ ਕੇ ਵਿਛੜਨ ਦਾ ਕੋਈ ਰਿਵਾਜ ਨਾ ਹੋਵੇ
Me miln atinu us duniyaa ch
jithe mil ke vichhdan da koi riwaaz na howe
ਮੈਂ ਮਿਲਣਾ ਤੈਨੂੰ ਉਸ ਦੁਨੀਆ ਚ,
ਜਿੱਥੇ ਮਿਲ ਕੇ ਵਿਛੜਨ ਦਾ ਕੋਈ ਰਿਵਾਜ ਨਾ ਹੋਵੇ
काश,जिंदगी सचमुच किताब होती
पढ़ सकता मैं कि आगे क्या होगा?
क्या पाऊँगा मैं और क्या दिल खोयेगा?
कब थोड़ी खुशी मिलेगी, कब दिल रोयेगा?
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
फाड़ सकता मैं उन लम्हों को
जिन्होने मुझे रुलाया है..
जोड़ता कुछ पन्ने जिनकी यादों ने मुझे हँसाया है…
खोया और कितना पाया है?
हिसाब तो लगा पाता कितना
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
वक्त से आँखें चुराकर पीछे चला जाता..
टूटे सपनों को फिर से अरमानों से सजाता
कुछ पल के लिये मैं भी मुस्कुराता,
काश, जिदंगी सचमुच किताब होती।
jaroorat si pyaar di
yaar guwaach ho gaye
labhde labhde dil da haani
asi apne aap ton guwaach gaye
ਜ਼ਰੂਰਤ ਸੀ ਪਿਆਰ ਦੀ
ਯਾਰ ਗੁਆਚ ਹੋ ਗਏ
ਲੱਭਦੇ ਲੱਭਦੇ ਦਿਲ ਦਾ ਹਾਣੀ
ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਤੋਂ ਗੁਆਚ ਹੋ ਗਏ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ