महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
मैं तुम्हे तुमसे ज्यादा जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जानता हूं,
जो कहते नहीं वो आंखों से बता देते हो,
मैं तुम्हारी नजरों का हर इशारा जानता हूं
जानता हूं हाथ थाम कर चलना पसंद है तुम्हे,
फिर कांधे में सिर रखकर बैठना पसंद है तुम्हे,
पानी में लिखकर नाम अक्सर मिटा देते हो,
मेरे साथ रहने का तुम्हारा हर बहाना जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जनता हूं...
Hasrat vi teri
Intezaar vi tera
Talab vi teri
Junoon swar vi tera..!!
ਹਸਰਤ ਵੀ ਤੇਰੀ
ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਵੀ ਤੇਰਾ..!!
ਤਲਬ ਵੀ ਤੇਰੀ
ਜਨੂੰਨ ਸਵਾਰ ਵੀ ਤੇਰਾ..!!