महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
Enjoy Every Movement of life!
महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
Woh khamosh kush is tarah kadar hai
jaise koi intkaam le reha hai
वो खामोश कुछ इस कदर है
जैसे कोई इंतकाम ले रहा हो।।
~रूचिता सिन्हा
Dil te laggi satt nu oh ki samjhugi
jo akhiyaa vichli taang na samajh saki
ਦਿਲ ਤੇ ਲੱਗੀ ਸੱਟ ਨੂੰ ਉਹ ਕੀ ਸਮਝੂਗੀ
ਜੋ ਅੱਖੀਆਂ ਵਿਚਲੀ ਤਾਂਘ ਨਾ ਸਮਝ ਸਕੀ