महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
Enjoy Every Movement of life!
महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
ईश्क की बात जो उस रात अधूरी रह गई
एक मुलाकात तेरे साथ अधूरी रह गई
बेवक्त की बारिश में भीगे थे हम
अबकी ये बरसात तेरे बाद अधूरी रह गई💔
लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है