महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
Enjoy Every Movement of life!
महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
खून गरम है,
तो कोशिश करो की सही जगह आंच लगे...
ना फेकना इस कीचड़ में पत्थर,
कहीं ऐसा ना हो,
तुम्हारे दामन में ही दाग लगे...
रूह से कैसी दिल्लगी,
जिस्म तन्हा कर जाएगी इक दिन...
बस ईमान ऐसा रखना दोस्त मेरे,
के तेरी कब्र देखकर,
हर किसी के सीने में आग लगे...
