महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
raat saaree tadapate rahenge ham,
ab…aaj phir khat tere padh lie shaam ko…
रात सारी तड़पते रहेंगे हम,
अब…आज फिर ख़त तेरे पढ़ लिए शाम को…
अच्छा तो तुम मुझे ये बताओ
मेने तुम्हारी ऐसी क्या बिगड़ी थी
जो तुम मुझे इतनी बड़ी सजा दी ।
दिल की बाते अगर जुबान पर आगे
तो बहत बुरी होगी
तुमने मेरे साथ जो कुछ भी किया
वो में किसी और के साथ होने भी नही दूंगी ।
इस लिए वक्त रहे ते ही सुधार जाओ
बरना में मेरे पे आ गई
तो सब कुछ बिगड़ जायेगी ।
इस लिए अब से खुद को सुधरो
बरना किसे पता कल क्या हो
जाएगी ।