Mere Bina aukha saaran lagga
Mein ode utte fira Mardi
Oh v jaan metho vaarn lagga❤️..!!
ਮੇਰੇ ਬਿਨਾਂ ਔਖਾ ਸਾਰਨ ਲੱਗਾ
ਮੈਂ ਉਹਦੇ ਉੱਤੇ ਫਿਰਾਂ ਮਰਦੀ
ਉਹ ਵੀ ਜਾਨ ਮੈਥੋਂ ਵਾਰਨ ਲੱਗਾ❤️..!!
Mere Bina aukha saaran lagga
Mein ode utte fira Mardi
Oh v jaan metho vaarn lagga❤️..!!
ਮੇਰੇ ਬਿਨਾਂ ਔਖਾ ਸਾਰਨ ਲੱਗਾ
ਮੈਂ ਉਹਦੇ ਉੱਤੇ ਫਿਰਾਂ ਮਰਦੀ
ਉਹ ਵੀ ਜਾਨ ਮੈਥੋਂ ਵਾਰਨ ਲੱਗਾ❤️..!!
मान लिखूँ सम्मान लिखूँ मैं।
आशय और बखान लिखूं मैं।
जिस नारी पर दुनिया आश्रित,
उसका ही बलिदान लिखूँ मैं।।
जीवन ऐसी बहती धारा,
जिसका प्यासा स्वयं किनारा,
पत्थर पत्थर अश्क उकेरे,
अधरों पर मुस्कान लिखूँ मैं।
मान——
कोमल है कमज़ोर नहीं है,
नारी है यह डोर नहीं है,
मनमर्ज़ी इसके संग करले
इतना कब आसान लिखूँ मैं
मान—-
बेटा हो या बेटी प्यारी,
जन्म सभी को देती नारी,
इसका अन्तस् पुलकित कोमल
इसके भी अरमान लिखूँ मैं
मान—-
हिम्मत से तक़दीर बदल दे,
मुस्कानों में पीर बदल दे,
प्रेम आस विश्वास की मूरत,
शब्द शब्द गुणगान लिखूँ मैं
मान——
Tu sohni bahut aa
tere jaan magro hor batheryaa ne mainu eh gal kahi
pa .. kade farak ja ni pyaa
“ਤੂੰ ਬਹੁਤ ਸੋਹਣੀ ਆ”
ਤੇਰੇ ਜਾਣ ਮਗਰੋ ਹੋਰ ਬਥੇਰਿਆਂ ਨੇ ਮੈਨੂੰ ਇਹ ਗੱਲ ਕਹੀ,
ਪਰ ….. ਕਦੇ ਫ਼ਰਕ ਜਾ ਨੀ ਪਿਆ🙃🙃🙃