Menu v ni pta menu os din chaa kinna chdya c
Menu ajj v oh din bhulda nahi jado hath mera tu fadya c….
Menu v ni pta menu os din chaa kinna chdya c
Menu ajj v oh din bhulda nahi jado hath mera tu fadya c….
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”
बेकार की बाते का बेवक्त में जिक्र कर लिया
हमने तेरे बाद तेरे नाम पे एक घर लिया
अब मै तन्हाई और तेरी यादे सब साथ रहती है
हमने एक दूसरे के साथ एडजस्ट कर लिया