Muddton baad darwaze par koi aaya hai
Dar hai, kahi mera hi saya to nahi…🙌
मुद्दतों बाद दरवाज़े पर कोई आया है,
डर है, कहीं मेरा ही साया तो नहीं…🙌
Muddton baad darwaze par koi aaya hai
Dar hai, kahi mera hi saya to nahi…🙌
मुद्दतों बाद दरवाज़े पर कोई आया है,
डर है, कहीं मेरा ही साया तो नहीं…🙌
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
Izzat aksar marn to baad mildi aa,
Nahi taa jionde jee taan lok mooh nhi launde 💔☺️
ਇੱਜ਼ਤ ਅਕਸਰ ਮਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿਲਦੀ ਆ,
ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਜਿਓਦੇ ਜੀਅ ਤਾਂ ਲੋਕ ਮੂੰਹ ਨੀ ਲਾਉਂਦੇ।।💔☺️