Enjoy Every Movement of life!
बस आज़ की रात है
जी भरकर देख लो
यह आख़िरी मुलाक़ात है
जी भरकर देख लो
तुम्हारा शहर तो रास्ते में आ गया था
हमें तो किसी और मंज़िल की आस है
जी भरकर देख लो
अच्छा है तुमने हमारी कदर नहीं की
तुम वो जौहरी हो जिसे कौड़ियों की तलाश है
जी भरकर देख लो
मुझे कुछ भी कहना आसान था न
अब कुदरत की लाठी बेआवाज़ है
जी भरकर देख लो!!!
Jinha de approach te udd di hai,
nakeya te oh mainu hi yaad karde ne.
