
Pala vich hoyi teri meri zindgani..!!

ना हुस्न से, ना सूरत से, ना तेरी अदाओं से दिल बेचैन है…
तेरे जिस्म का घायल करने वाला हिस्सा, तो सिर्फ़ तेरे नैन हैं..
देखा जो तूने, लगा लहरों पे चलती, ठंडी हवाओं का झोंका है..
क्या समझ इस इशारे में, कुछ था, या मेरी नजरों का धोखा है..
अब ना दिन में चैन है, ना रातों को सुकून मिलता है..
क्या तुझे लगता है, के किसी रांझे से मेरा खून मिलता है..??
अब तू ही सुलझा ये गुत्थी, जो मेरे ज़हन में चल रही है..
क्या ये आग ठीक है, प्यार की, जो मेरे सीने में जल रही है..?
Mohabbat ne kya khub karwat badli
Ab Farak usse bhi nahi padta aur yaad hme bhi nahi aati…🥀🥀🥀
मोहोब्बत ने क्या खूब करवट बदली
अब फर्क उन्हें भी नहीं पड़ता और याद हमें भी नहीं आती…🥀🥀🥀