
Pala vich hoyi teri meri zindgani..!!

Chah ke vi na andro jani💔
Hun aadat tenu chahune di😘..!!
Lakh samjhawan akhiyan nu par😒
Umeed na shaddan tere aune di☹️..!!
ਚਾਹ ਕੇ ਵੀ ਨਾ ਅੰਦਰੋਂ ਜਾਣੀ💔
ਹੁਣ ਆਦਤ ਤੈਨੂੰ ਚਾਹੁਣੇ ਦੀ😘..!!
ਲੱਖ ਸਮਝਾਵਾਂ ਅੱਖੀਆਂ ਨੂੰ ਪਰ😒
ਉਮੀਦ ਨਾ ਛੱਡਣ ਤੇਰੇ ਆਉਣੇ ਦੀ☹️..!!
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
अभी तक मैने कोई फर्ज पूरा नहीं किया
अभी तक कोई उसका कोई कर्ज पूरा नहीं किया
मेरे पास अभी वक्त ही नही है
पर वो मुझसे सख्त भी नही है
वो मंजर कैसे देखूंगा
वो बदनसीबी का साल होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा
ऐ खुदा बस इतनी सी दुआ है मेरी
खुश रहे जब तक मां है मेरी
मैं उस जन्नत में खो जाना चाहता हूं
अपनी मां के आंचल में सो जाना चाहता हूं
ये दौलत नही मैं प्यार लेना चाहता हूं
उससे आशीष को उधार लेना चाहता हूं
मैं पैसे का क्या करूंगा ये माल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
ऐसे खामोश रहूंगा तो वक्त बीत जायेगा
वो बूढ़ी हो जायेगी बुढ़ापा जीत जायेगा
जब तक जिंदा है पूजा करना चाहता हूं
और कोई ना दूजा करना चाहता हूं
अभी भी वक्त है ले लो आशीष को
वरना जीवन भर तुमको मलाल होगा
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा