
Pala vich hoyi teri meri zindgani..!!
Enjoy Every Movement of life!

badlan wale rutaa da itezaar nai karde
ਬਦਲਣ ਵਾਲੇ ਰੁੱਤਾਂ ਦਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਨਹੀਂ ਕਰਦੇ
कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..