Shayar Bana Diya Adhuri Mohabbat Ne,
Mohabbat Agar Puri Hoti To Hum Bhi Ek Ghazal Hota!
Shayar Bana Diya Adhuri Mohabbat Ne,
Mohabbat Agar Puri Hoti To Hum Bhi Ek Ghazal Hota!
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।
Prathna keval shabdo se nhi dil se bhi honi chahiye
Kyunki ishwar unki bhi sunte hain jo bolte nhi, sirf prathna karte hain ❤
प्रार्थना केवल शब्दों से नहीं दिल से भी होनी चाहिए!!!
क्योंकि ईश्वर उनकी भी सुनते हैं जो बोलते नहीं,सिर्फ प्रार्थना करते हैं!!!❤