नजदीकियां ना अब युह बढ़ायो हम से
दुरियां हीं अब अच्छी लगती हैं
मोहब्बत में तोह आंसू आते हैं आंखों से
और तुम्हारी यह आंखें बिना आसूंओं के ही अच्छी लगती हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
नजदीकियां ना अब युह बढ़ायो हम से
दुरियां हीं अब अच्छी लगती हैं
मोहब्बत में तोह आंसू आते हैं आंखों से
और तुम्हारी यह आंखें बिना आसूंओं के ही अच्छी लगती हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Tu naraaz ho leya kar
Bhawein ladh vi leya kar meri jaan
Bas menu kade praya na kari❤️..!!
ਤੂੰ ਨਾਰਾਜ਼ ਹੋ ਲਿਆ ਕਰ
ਭਾਵੇਂ ਲੜ੍ਹ ਵੀ ਲਿਆ ਕਰ ਮੇਰੀ ਜਾਨ
ਬਸ ਮੈਨੂੰ ਕਦੇ ਪਰਾਇਆ ਨਾ ਕਰੀਂ❤️..!!
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।