नजदीकियां ना अब युह बढ़ायो हम से
दुरियां हीं अब अच्छी लगती हैं
मोहब्बत में तोह आंसू आते हैं आंखों से
और तुम्हारी यह आंखें बिना आसूंओं के ही अच्छी लगती हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Enjoy Every Movement of life!
नजदीकियां ना अब युह बढ़ायो हम से
दुरियां हीं अब अच्छी लगती हैं
मोहब्बत में तोह आंसू आते हैं आंखों से
और तुम्हारी यह आंखें बिना आसूंओं के ही अच्छी लगती हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
kuchh khaas nahin in haathon kee lakeeron mein,
magar tum ho to ek lakeer hee kaaphee hai…
कुछ खास नहीं इन हाथों की लकीरों में,
मगर तुम हो तो एक लकीर ही काफी है…
I have learned that sometimes “sorry” is not enough.
Sometimes you actually have to change.