Zid to motiyon ki hoti hai bikhar jane ki
Humne to dhage mein apne mohobbat piroya hai…❣️
ज़िद तो मोतियों की होती है बिखर जाने की
हमने तो धागे में अपने मोहब्बत पिरोया है…❣️
Zid to motiyon ki hoti hai bikhar jane ki
Humne to dhage mein apne mohobbat piroya hai…❣️
ज़िद तो मोतियों की होती है बिखर जाने की
हमने तो धागे में अपने मोहब्बत पिरोया है…❣️
धर्म कभी अच्छा या बुरा नहीं होता।
अच्छा या बुरा तो इंसान होता और धर्म को दोषी कहा जाता।
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लोकतंत्र सबसे बड़ा ईश्वर है, सबसे बड़ा धर्म भी।
लोगों को लोकतंत्र मानना चाहिए, नहीं तो पूजा करके कुछ मिलेगा नहीं।
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खुद को देखो- दूसरे को जितना देखोगे, उतना परेशान हो जाओगे।
खुद को लेकर खुश रहो- तैरते समय मत डुबो पानी में।
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अपने में आप, अपने में सब कुछ।
अपने में समृद्धि, भ्रम है दूसरा कुछ।
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मेरे पास जब कुछ नहीं था, तब वह मेरे पास आई थी।
अब मेरे पास सब कुछ है, मैं उसे क्यों छोड़ के जाऊँ अभी।
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वह मुझे छोड़ के चली गई थी, जब कुछ नहीं था मेरे पास।
अब मेरे पास सब कुछ है, वह अब लौटकर आना चाहती है, मैं क्यों उसे आने के लिए बोलूं अपना पास।
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ज़िंदगी में कौन जीतते और कौन हारते, इससे मुझे कोई मतलब नहीं।
कौन पूरा रास्ता चल पाए, वह मर्द सही।
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जीतने से और हारने से कुछ विचार नहीं होता।
जो समय के साथ पूरा रास्ता चल पाए, वह ही विजेता।
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माँ हथनी का बच्चा जब खो जाता है, उसकी जो हालत होती है,
समय का काम जब समय पर नहीं होता, तो मन की स्थिति वैसे होती है।
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माँ हथनी का बच्चा जब खो जाता है, उसकी जो हालत होती है,
जब किनारे पर आकर नाव डूब जाती है, तो दिल की स्थिति वैसे होती है।
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जो ज्यादा लिखता है, वह ज्यादा बोल नहीं पाता।
जो ज्यादा बोलता है, वह अपना नाम के अलावा कुछ लिख नहीं पाता।
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अगर लिखना है, तो सिर्फ अपना नाम लिखो।
दूसरे का नाम लिखकर अपना समय बर्बाद मत करो।
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गलतियां होगीं अगर आप करेंगें काम।
जो गलती नहीं करता, वह चलना शुरू नहीं किया, वह नाकाम।
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जो मुझे वोट नहीं देता है, उसे मैं सबसे पहले पानी दूँगा- नेता होना चाहिए ऐसा।
लेकिन जो उनको पानी देता है, वह उसे बिलकुल भूल जाता- सोचो वह इंसान कैसा।
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मिथ्या से भी भयंकर अप्रिय सत्य।
मिथ्या की सज़ा जेल, लेकिन अप्रिय सत्य की सज़ा फांसी, यह चरम सत्य।
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सिर्फ बेवकूफ लोग ही अहंकारी होते हैं।
सबको अगर नीचे रखना हैं तो खुद को ही नीचे जाना पड़ता है।
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pyar vich murjhaye mukhde||alone sad shayari
Ashqan vich dubbe ne Zara v hssde nhi..
Kyu murjhaye eh mukhde ne..!!
Har kise nu tdfda te Ronda hi paya mein.
Rbba pyar vich enne kyu dekhde ne..!!
