Zid to motiyon ki hoti hai bikhar jane ki
Humne to dhage mein apne mohobbat piroya hai…❣️
ज़िद तो मोतियों की होती है बिखर जाने की
हमने तो धागे में अपने मोहब्बत पिरोया है…❣️
Zid to motiyon ki hoti hai bikhar jane ki
Humne to dhage mein apne mohobbat piroya hai…❣️
ज़िद तो मोतियों की होती है बिखर जाने की
हमने तो धागे में अपने मोहब्बत पिरोया है…❣️
बंदिशों से अब कैसे खुदकी करूं हिफाज़त मैं,
सवेरे से है मोहब्बत पर, अंधेरों में रहने कि आदत है…
आफ़त है कि चिराग़ का इल्म कैसे होगा,
पता नहीं जब सवेरा होगा तो क्या होगा…
क्या होगा जो खुदसे कर लूं बगावत मै,
जीत लूं खुदको अगर हार जाऊं तो आफ़त है…
हारने का शोंक नहीं लड़ना अब रास नहीं आता,
सब कहते है मुझे तू हरकतों से बाज़ नहीं आता…
देखो, हरकतों में भी मेरी तहज़ीब और शराफत है,
जीत लेंगे दुनिया भी अगर रब की इजाज़त है… 🙃
Kisi or ki taraf nazar kaise karun
unhe jo chahiye uss per to hukumat
tumhari hai… ❤️
किसी और की तरफ़ नज़र कैसे करूँ
उन्हें जो चाहिए उस पर तो हुकूमत तुम्हारी है…❤️