Zid to motiyon ki hoti hai bikhar jane ki
Humne to dhage mein apne mohobbat piroya hai…❣️
ज़िद तो मोतियों की होती है बिखर जाने की
हमने तो धागे में अपने मोहब्बत पिरोया है…❣️
Zid to motiyon ki hoti hai bikhar jane ki
Humne to dhage mein apne mohobbat piroya hai…❣️
ज़िद तो मोतियों की होती है बिखर जाने की
हमने तो धागे में अपने मोहब्बत पिरोया है…❣️
Lafz khatam hunde ja rahe ne
Par tere layi mohobbat byan nahi ho pa rahi..!!
ਲਫ਼ਜ਼ ਖ਼ਤਮ ਹੁੰਦੇ ਜਾ ਰਹੇ ਨੇ
ਪਰ ਤੇਰੇ ਲਈ ਮੋਹੁੱਬਤ ਬਿਆਨ ਨਹੀਂ ਹੋ ਪਾ ਰਹੀ..!!
खत्म कर चुका खुद को अंदर से
बस बाहर से जालना बाकी है
भीड़ लगी है मजार पर गैरो की ,
बस अपनों का आना बाकी है
जीते जी सबको हसाया बहोत है ,
बस जाते – जाते सबको रुलाया बाकी है ।
याद करके उसे ,रोये बहोत है
जाते जाते उसे रुलाना बाकी है
खवाब देखे थे साथ के उसके कुछ
जाते हुये उन्हे दफनाना बाकी है ।
यू ना रुखसत करो विरानियत से
अभी मेरी अर्थी को सजाना बाकी है ,
यू तो गुजरा हु बहोत बार अंधेरों से
बीएस आखिरी दफा दिल्ल को जलाना बाकी है ।