
Sab rabb hi aape aap howe
Do roohan da milap howe
Te do dil ikk hon layi milde ne
Othe mohobbtan vale full khilde ne..!!

Umar zaya kardi auro ke vajood me kamiya nikalte nikalte itna khud ko trasha hota to khuda mil jata
उम्र जाया करदी औरों के वजूद में कमियां निकालते निकालते इतना खुद को तराशा होता तो खुदा मिल जाता
कुछ हसीन रास्तों पर,
जब हाथ पकड़ कर हम निकले थे,
तुम करीब होकर भी गुज़र गए,
मानों तड़पकर दम निकले थे,
अब क्या जिंदगी से गुज़ारिश करूं,
यादों में उसकी मय थोड़ी बाक़ी है,
कोई जहां शायद ऐसा भी होगा,
जहां वो वक्त अब भी बाक़ी है...
चल कर देखेंगे वहां एक रोज़ हम भी,
वो वही जिंदगी है, या साक़ी है,
देख ले साक़ी ज़रा फिर से मयखाने में,
सब ख़त्म हो गई या शराब थोड़ी बाक़ी है...